क्षेत्रपाल में मेदांता के हृदय रोग विशेषज्ञों की मिलेगी सेवाएं
क्षेत्रपाल हॉस्पिटल में प्रेसवार्ता।
हैल्थ रिपोर्टर| अजमेर
पंचशील स्थित क्षेत्रपाल हॉस्पिटल में अब मेदांता हॉस्पिटल गुड़गांव के हृदय रोग विशेषज्ञों की भी सेवाएं मिलेंगी। मेदांता के डॉक्टर्स के क्षेत्रपाल हॉस्पिटल में उपचार करने से शहर और आसपास के क्षेत्रों के हृदय रोगियों को अब अजमेर में ही उपचार हो पाएगा। साथ ही अब उन्हें उपचार के लिए अजमेर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बुधवार को हॉस्पिटल में पहली एंजियोग्राफी की गई, साथ ही हृदय रोग परामर्श शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रोगियों ने लाभ उठाया।
हॉस्पिटल प्रबंधक प्रशासन आलोक शर्मा ने बताया कि मेदांता हॉस्पिटल के चिकित्सा विशेषज्ञ कार्डियोलॉजी के चेयरमैन डाॅ. आरआर कासलीवाल, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डाॅ. नागेंद्र सिंह चौहान एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनीष माथुर ने सुबह 11 से 2 बजे तक रोगियों को देखा तथा परामर्श दिया। शिविर में अजमेर व आसपास के क्षेत्रों जैसे किशनगढ़, ब्यावर, नागौर आदि क्षेत्रों के लोगों ने लाभ उठाया। ज्यादा रोगियों के आने के कारण शिविर एक घंटे बढ़ाना पड़ा।
लगातार रहेगी विजिट, टेलीमेडिसीन सुविधा भी शुरू : डॉ. कासलीवाल ने बताया कि क्षेत्रपाल हॉस्पिटल में टेलीमेडिसीन सेंटर भी शुरू कर दिया गया है, जहां मेदांता हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञों से परामर्श लिया जाने लगा है। साथ ही मेदांता के डॉक्टर्स हर माह और समय-समय पर हॉस्पिटल में हृदय रोग से जुड़े परामर्श और ऑपरेशन करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि यहां लगाई हुई कैथलेब नवीनतम तकनीक की है और अजमेर संभाग में प्रथम है, जिसके परिणाम शत-प्रतिशत होते हैं। इससे एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी सटीक होती है व कारगर रहती है। इसका लाभ अजमेर के लोगों को निश्चित ही प्राप्त होगा। डाॅ. कासलीवाल ने कहा कि जिस प्रकार न्यूरोफिजिशियन की ओपीडी की सेवा एक वर्ष से लगातार हर माह हो रही है, उसी प्रकार हृदय रोग की भी ओपीडी सेवा प्रारंभ की गई है।
योग व्यायाम से दूरी हृदय रोग का कारण : डॉ. कासलीवाल ने बताया कि वर्तमान में देश में 45 से कम आयु वर्ग के लोगों में हृदय रोग बढ़ रहा है। हार्ट अटैक से मरने वाले व्यक्तियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसी स्थिति लापरवाही के कारण है। लोग योग और व्यायाम नहीं कर रहे, इसके अलावा धूम्रपान सहित अन्य कारण भी हैं, जिससे लोग हृदय रोग की ओर बढ़ रहे हैं।