अजमेर | आयुष अस्पतालों में कार्यरत नर्स-कम्पाउंडर अगर अब चिकित्सा अधिकारी के द्वारा लिखे गये रोगी व्यवस्था पत्रक के बिना रोगी रजिस्टर में रोगी का रजिस्ट्रेशन करते हुए पाए गए तो नर्सेज खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
उपनिदेशक डॉ मोहन लाल शर्मा की अध्यक्षता में सात मई को अखिल राजस्थान राज्य आयुष नर्सेज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष छीतर मल सैनी व महासंघ की अजमेर जिला इकाई के पदाधिकारियों के मध्य जिले के आयुष नर्सेज की समस्याओं को लेकर हुई वार्ता बैठक में लिये गये निर्णयों के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। नई व्यवस्था अनुसार आयुष अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी अब एकल रोगी व्यवस्था पत्रक की जगह मेडिकल विभाग की तर्ज पर कार्बन सहित डबल कॉपी, रोगी व्यवस्था पत्रक में आने वाले मरीजों को दवाइयां लिखेंगे उसके उपरांत रोगी औषधालय में नर्सिंग कर्मी से रजिस्ट्रेशन करवाएंगे। इसके बाद नर्सिंग कर्मी रोगी को दवाइयां वितरण करके एक पर्ची रोगी को देगा और एक पर्ची औषधालय के रिकॉर्ड में रखेगा।
सैनी के बताया कि औषधालयों में चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व में विभागांतर्गत बनी अाचार संहिता के अनुसार रोगी रजिस्टर में रोगियों का रजिस्ट्रेशन का कार्य सम्बन्धित चिकित्सा अधिकारी द्वारा ही करवाया जाता था लेकिन सात वर्ष पूर्व विभाग ने इसमें संशोधन कर रोगी रजिस्ट्रेशन करवाए जाने का कार्य नर्सेज के माथे डाल दिया था।