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दरगाह दीवान पर बलवा भड़काने का केस दायर कराए अंजुमन: विपक्षी खेमे ने दिया ज्ञापन

3 वर्ष पहले
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अंजुमन सचिव अंगाराशाह को बनाया निशाना

सिटी रिपोर्टर | अजमेर

दरगाह दीवान के प्रकरण में अब अंजुमन सैयद जादगान का विपक्षी खेमा भी खुलकर विरोध में सामने आ गया है। इस खेमे ने बुधवार को अंजुमन सचिव सैयद वाहिद हुसेन अंगाराशाह को ज्ञापन देकर दरगाह दीवान के खिलाफ बलवा भड़काने का केस दायर कराने का आग्रह किया है।

ज्ञापन में गरीब नवाज के 806वें उर्स के दौरान 5 रजब की रात को हुई घटना काे उठाया गया है। विपक्ष खेमे ने मौजूदा दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन के हंगामे, परंपराओं में अड़ंगा डालने और खादिमों को अपशब्द बकने के आरोप लगाए हैं। साथ ही अब तक बलवा भड़काने का केस दायर नहीं होने पर रोष व्यक्त किया है।

यह लिखा पत्र में | विपक्षी खेमे के अगुवा सैयद गुलाम किबरिया आदि द्वारा दिए पत्र में लिखा है कि अंजुमन द्वारा 24 मार्च 2018 को दरगाह नाजिम को दिये गये पत्र में जब यह माना है कि दीवान दरगाह कमेटी का मुलाजिम है तथा सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिये भारत सरकार और पुलिस प्रशासन को गलत तथ्य बताकर माहौल खराब करता है। दीवान जब इस बात पर अड़ गया कि आज तो उसका बेटा शेरू ही गुसल करेगा। इस पर अंजुमन सचिव का यह कहना कि (यह तो चार दिन से आ रहा है जन्नती दरवाजे से ले लो आस्ताने शरीफ के बाहर ही खड़ा रहेगा, क्या मायने रखता है) उस पर कौम परस्त खुद्दाम ने दीवान के बिना ही गुसल अंजाम दिया।

भड़काने की कोशिश की |पत्र में यह भी कहा गया कि दीवान ने लोगों की भीड़ को खुददाम के खिलाफ भड़काने की भरपूर कोशिश की। खादिम हाय हाय के नारे लगवाए, जन्नती दरवाजा व अन्य दरगाह की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

पूर्व में भी दीवान कर चुका है ऐसी हरकत | पत्र में कहा गया है कि दिसम्बर, छठीं रजब वर्ष 1995 में उर्स के दौरान दरगाह दीवान ने इस किस्म की हरकत की थी और झूठी एफ.आई.आर. कटवा दी थी कि आस्ताने अकदस में खुद्दाम ने उन पर गोली चलाई। बाद में पुलिस के हवाले से यह खबर छपी की “आस्ताने शरीफ में गोली नहीं चली थी।

फैसले नहीं फासले बढ़ते हैं

पत्र मिला है। मेरा इतना ही कहना है कि आज का आदमी अपनी गलतियों का वकील बना है, दूसरे की गलतियों का जज बना है, इससे फैसले नहीं फासले बढ़ते हैं। -सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह, सचिव, अंजुमन सैयद जादगान

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