बाल विवाह की शिकायतों पर पुलिस ने दिखाई सतर्कता
अजमेर | बाल विवाह की शिकायतों पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर जांच की, एक भी शिकायत सही नहीं पाई गई। पुलिस ने संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर उन्हें बाल विवाह नहीं करने के लिए पाबंद किया है। शिकायत मिली थी कि कुंदन नगर इलाके में नाबालिग लड़की का विवाह किया जा रहा है। अलवर गेट थाना प्रभारी हरिपाल सिंह ने बताया कि सब इंस्पेक्टर शंकरलाल ने मय दल मौके पर पहुंच कर जांच की, पता चला कि 23 वर्षीय युवती का मुकलावा किया जा रहा है।
पुलिस ने लड़की के पिता और अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। इसी तरह गंज थाना क्षेत्र में अजयसर गांव में मंगलवार रात को बालविवाह होने की सूचना पर पुलिस दल ने मौके पर पहुंच कर जांच की। थाना प्रभारी सूर्यभान सिंह ने बताया कि जिस नाबालिग के विवाह की सूचना थी, उसकी शादी नहीं थी बल्कि उसकी बड़ी बहन की शादी होने जा रही थी, पुलिस ने उस परिवार के मुखिया को बेटी के बालिग होने का प्रमाण पत्र पेश करने के बाद ही उसका विवाह करने के लिए पाबंद किया।
दरगाह का मामला
आज साप्ताहिक महफिल, मौरूसी अमला करेगा व्यवस्था
सिटी रिपोर्टर | अजमेर
दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान के बयान के एक दिन बाद दरगाह नाजिम आईबी पीरजादा ने भी 21 दिन बाद बुधवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। दीवान आबेदीन के बयान को आधार बना कर नाजिम पीरजादा ने 21 दिन से लंबित चल रहे मौरूसी अमले के पत्र का जवाब दिया और अमले को पूर्व की भांति साप्ताहिक महफिल में व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मौरूसी अमले ने 28 मार्च को नाजिम को पत्र लिख कर दरगाह दीवान की अनुपस्थिति में उनके पुत्र के आने पर गुरुवार की साप्ताहिक महफिल में इंतजाम करने के संबंध में मार्गदर्शन मांगा था। नाजिम आईबी पीरजादा ने मौरूसी अमले के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद शब्बीर खान को जुमेरात की साप्ताहिक महफिल की व्यवस्था के संबंध में यह जवाब दिया है। पीरजादा ने पत्र के संबंध में कहा कि दरगाह के सज्जादानशीन बाबत जो विवाद उत्पन्न हुआ था इस संबंध में 17 अप्रैल 2018 को वर्तमान सज्जादा नशीन सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर यह स्थिति स्पष्ट कर दी है कि उन्होंने अपने पुत्र को नायब सज्जादा नशीन नियुक्त नहीं किया है, केवल उत्तराधिकारी घोषित किया है जो इनका पारिवारिक मामला है। इसलिए नायब सज्जादानशीन का कोई विवाद शेष नहीं रहा है।
दीवान के बयान के बाद नाजिम ने तोड़ी चुप्पी, मौरूसी अमले से कहा- साप्ताहिक महफिल के लिए कार्य करें
कोर्ट के आदेश का हवाला दिया
नाजिम ने अपने पत्र में कोर्ट के एक आदेश का हवाला भी दिया है। नाजिम ने लिखा कि दीवानी प्रकरण संख्या 89/1978 में न्यायालय मुंसिफ एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, अजमेर नगर (पश्चिम) अजमेर के आदेश 25 सितंबर 1982 में न्यायालय ने यह स्पष्ट अंकित किया है कि “परंपरा व रीति रिवाज के अनुसार सज्जादानशीन के प्रतिनिधि व परिवार के सदस्य द्वारा अपरिवर्तनीय परिस्थितियों में उसके पद का कार्य कराया जा सकता है।” इसलिए महफिल से संबंधित समस्त मौरूसी अमला दरगाह शरीफ में होने वाली साप्ताहिक महफिल में हस्बे दस्तूर कदीम अपनी ड्यूटी अंजाम देते रहें। अमले के सदस्य और पूर्व सचिव उस्मान घड़ियाली ने बताया कि अमले के सदर हाजी शब्बीर खान ने भी गुरुवार को होने वाली महफिल की व्यवस्था के लिए कह दिया है। अमले के सभी सदस्य ड्यूटी अंजाम देंगे।
प्रेशर से हो पानी सप्लाई : देवनानी
अजमेर | शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने जलदाय अधिकारियों को जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। बुधवार को उन्होंने जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं अन्य अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि कॉलोनियों में पानी का पूरा प्रेशर मिलना चाहिए।
गत गुरुवार को किया था बायकाट
दरगाह दीवान के स्थान पर उनके ज्येष्ठ पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती के पिछली गुरुवार को साप्ताहिक महफिल की सदारत करने आने पर मौरूसी अमले ने बायकॉट कर दिया था। इसके चलते महफिल में कव्वाली तक नहीं हो पाई थी।