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पुणे के बाद देश की दूसरी फिल्म लाइब्रेरी में मिनी थिएटर- कियोस्क में दुर्लभ पुरानी फिल्मों का उठा सकेंगे लोग लुत्फ

3 वर्ष पहले
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अजमेर में अकबर के किले में आगामी मई माह में पुणे के बाद देश की दूसरी फिल्म लाइब्रेरी के मिनी थिएटर आैर कियोस्क में दुर्लभ पुरानी फिल्मों का लुत्फ उठा सकेंगे। दो थिएटर हैं, जिनमें अलग-अलग शो चलेंगे। दर्शकों का ग्रुप यदि फिल्म लाइब्रेरी पहुंचता है तो उनकी डिमांड के अनुरूप फिल्म दिखाई जाएगी। वहीं शहरवासियों के साथ देशी-विदेशी पर्यटक लाइब्रेरी में मौजूद मनचाही फिल्में भी कियोस्क में व्यक्तिगत देख सकेंगे। लोहे के गोलाकार कवर्स में आज भी इस लाइब्रेरी में 2543 पुरानी फिल्में सुरक्षित हैं।

लाइब्रेरी का लगभग काम पूरा हो चुका है, इसके संचालन के लिए पुणे के नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया (एनएफएआई) से सहयोग मांगा गया है। मिनिस्ट्री ऑफ इंफर्मेशन एंड ब्राडकास्टिंग के अधीन एनएफआईए में अब तक रिलीज हुई पुरानी से पुरानी फिल्मों की कॉपी सुरक्षित है। साथ ही प्रोजेक्टर के माध्यम से इन फिल्मों को देखने की व्यवस्था भी है। इसी तर्ज पर अजमेर की फिल्म लाइब्रेरी “कारवां’ जो कि 1952 से रोडवेज बस स्टेंड के सामने सिंचाई विभाग के दफ्तर में संचालित हुआ करती थी, वो अब अकबर के किले के एक हिस्से से संचालित की जाएगी।

पुणे का नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया करेगा फिल्म लाइब्रेरी के संचालन में सहयोग

दुर्लभ फिल्में मौजूद...2543 पुरानी फिल्में, प्रदर्शन के लिए प्रोजेक्टर

रियायती टिकिट, मनचाही फिल्म

फिल्म दुनिया को ऊंचाइयां देने वाली फिल्में हैं इस लाइब्रेरी में मौजूद

1947 में भारत-पाक विभाजन, 1965 व 1971 का भारत-पाक युद्ध पर बनी डोक्यूमेंट्री

हमारी फिल्म लाइब्रेरी में ऐसी कई फिल्में हैं, जिनसे फिल्मी दुनिया आज इस उंचाई तक पहुंची है। एक तरह यह लाइब्रेरी फिल्म तकनीक की बेसलाइन है। लाइब्रेरी में वर्तमान 16 एमएम की कुल 4225 फिल्में हैं। इनमें से 1639 खराब हो चुकी हैं, जबकि शेष 2543 ऐसी हैं, जिन्हें प्रोजेक्टर के माध्यम से देखा जा सकेगा।

महापुरुषों के ऑरिजनल आवाज भी है सुरक्षित

ज्यादातर फिल्में आैर डॉक्यूमेंट्री को डब किया गया है। कुछ डोक्यूमेंट्री ऐसी भी हैं, जिनमें महापुरुषों की ऑरिजनल आवाज आज भी सुरक्षित है। फिल्म लाइब्रेरी में 10 मिनट, 20 मिनट आैर 40 मिनट की डोक्यूमेंट्री आैर फीचर फिल्में मौजूद हैं। 10 मिनट वाली फिल्म 400, 20 वाली 800 आैर 40 मिनट वाली 1600 फीट लंबी हैं। इन्हें लोहे के गोलाकार कवर्स में सुरक्षित रखा गया है।

1. दर्शक यदि ग्रुप में आते हैं तो लाइब्रेरी में मौजूद मनचाही फिल्म रियायती देख सकेंगे।

एनएफएआई से मांगा है फिल्म लाइब्रेरी के संचालन में सहयोग

फिल्म लाइब्रेरी के संचालन के लिए पुणे के नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया (एनएफएआई) से सहयोग मांगा गया है। आगामी मई माह में लाइब्रेरी में शुरू हो जाएगी। यह राज्य की पहली फिल्म लाइब्रेरी है। म्यूजियम की तरह रियायती दरों पर ही लाइब्रेरी का टिकिट होगा। जल्द ही टिकिट की दरें तय की जाएंगी। -गौरव गोयल जिला कलेक्टर, अजमेर

2. मनचाही फिल्म व्यक्तिगत देखनी है तो कियोस्क की है व्यवस्था है।

लाइब्रेरी का नया लुक है अदभुत

इंटीरियर डिजाइन भी खास - आर्ट गैलेरी, दो मिनी थिएटर आैर 6 कियोस्क

हैरिटेज हिस्ट्री आैर म्यूजियम थीम पर तैयार की गई इस फिल्म लाइब्रेरी का नया स्वरूप अदभुत है। ऐतिहासिक महत्व को बरकरार रखते हुए लाइब्रेरी के स्वरूप को निखारा गया है। फिल्म लाइब्रेरी में दो मिनी थिएटर हैं, जिसमें 15 से 20 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।

लाइब्रेरी में प्रवेश करेंगे, दिल को सुकून देने वाला मद्धिम म्यूजिक सुनने को मिलेगा। लाइब्रेरी का ग्राउंड आैर फस्ट फ्लोर वातानुकूलित है। इसे हैरिटेज लुक दिया गया है। लाइब्रेरी की इंटीरियर डिजाइनिंग भी खास है, बड़े आकार के महापुरुषों के पोस्टर आैर फिल्मों को सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई शेल्फ लाइब्रेरी की शान में चार चांद लगा रहे हैं।

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