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रेलवे स्टेशन के सामने फिर लगने लगी टेम्पो और सिटी बसों की बेतरतीब कतारें, दिन में कई बार होता है रास्ता जाम

3 वर्ष पहले
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रेलवे स्टेशन के सामने यात्री वाहनों का दबाव कम करने की कवायद के तहत यातायात पुलिस द्वारा इस रूट पर चलने वाले टेम्पो, सिटी बसें और अन्य सवारी वाहनों में से आधे वाहनों को दूसरे रूट पर शिफ्ट करने की व्यवस्था लागू की थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही यह व्यवस्था धराशायी हो गई। नतीजतन रेलवे स्टेशन के सामने फिर टेम्पो और अन्य सवारी वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े हो रहे हैं, इससे दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती है। स्टेशन के सामने ओवर ब्रिज से प्रथम गेट तक एक ही समय में पचास से ज्यादा वाहन सवारियों के इंतजार में खड़े देखे जा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि गांधी भवन चौराहे से मार्टिंडल ब्रिज तक वन वे व्यवस्था लागू है, लेकिन बेतरतीब सवारी वाहनों से वन वे की सुविधा पर पानी फिर गया है। इस बारे में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सवारी वाहनों के संचालकों दूसरे रूट पर सवारी नहीं मिलने के कारण व्यवस्था में सहयोग नहीं किया।

यह थी व्यवस्था

यातायात पुलिस द्वारा रूट संख्या सात पर चलने वाले कुल 250 परमिटधारी वाहनों में से आधे वाहनों को 15 दिन वैकल्पिक मार्ग व 15 दिन नियमित मार्ग पर चलने की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसके तहत रूट नंबर सात के वह वाहन जो 15 दिन के लिए शहर में नहीं घुस पाएंगे, उन्हें शहर के ऐसे रूट पर चलाया जाएगा, जहां यात्री भार से कम सवारी वाहन संचालित हो रहे हैं। इस व्यवस्था से वाहन चालकों के सामने रोजी-रोटी की समस्या भी नहीं होगी और शहर में सवारी वाहन की संख्या कम होने से यातायात व्यवस्था में भी सुधार हो जाएगा।

स्टेशन रोड पर बेतरतीब ट्रैफिक के कारण आए दिन यूं नजर आते हैं जाम के हालात। इस वजह से बाधित होता है आवागमन।

विरोध के चलते धराशायी हुई व्यवस्था

रूट नंबर सात के वाहनों में से आधे वाहन पंद्रह दिन दूसरे रूट पर शिफ्ट किए जाने की व्यवस्था कुछ दिन तो चली, लेकिन बाद में टेम्पो चालकों ने दूसरे रूट पर सवारियां नहीं मिलने की समस्या को लेकर आरटीओ से मुलाकात की थी। टेम्पो चालकों की मांग थी कि अजमेर शहर में वह रूट जहां यात्री भार ज्यादा है और टेम्पो साधन कम है, उन रूटों पर इन गाड़ियों को बांटा जाए ताकि सभी रूट पर यात्री भार भी न बढ़े और सभी टेम्पो चालकों को व्यवसाय मिले। अवैध रूप से संचालित टेम्पो व अतुल शक्ति को रोका जाए जिससे स्टेशन रोड पर यातायात का दबाव कम होगा। टेम्पो चालकों का कहना था कि जब तक परमिट नियमों में संशोधन नहीं हो जाता, तब तक उन्हें पहले वाली व्यवस्था के अनुरूप ही वाहन चलाने दिया जाए। यही कारण है कि पहले की तरह अब भी रेलवे स्टेशन के सामने सवारी वाहनों से रास्ता जाम रहता है। रेलवे स्टेशन के सामने टेम्पो, सिटी बस और अन्य सवारी वाहन एक ही समय में 25 से ज्यादा नहीं खड़े हो सकते, लेकिन स्थिति यह है कि पचास से ज्यादा वाहन स्टेशन के सामने जमे रहते हैं।

इन रूटों पर सवारी वाहनों की है जरूरत

रूट नंबर 13 : दूरी 9 किमी | धोलाभाटा रामदेव जी का मंदिर से पलटन बाजार, वाया धोलाभा गांव, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, धान नाडी , बिहारीगंज, गली नंबर 9, नगरा रेलवे स्टेशन, आगरा गेट, पावर हाउस, डाक बंगला, बस स्टैंड कुंदन नगर तिराहा, मिलिट्री स्कूल, पलटन बाजार।

रूट नंबर 14 : दूरी 19 किमी | नारीशाला से जनाना अस्पताल वाया गढ़ी मालियान, जौंसगंज, हजारीबाग, रेलवे स्टेशन, नगर निगम, आगरा गेट, बजरंगगढ़ चौराहा, सावित्री चौराहा, बस स्टैंड, बोर्ड आफिस, मीर शाह अली कॉलोनी, लोक सेवा आयोग, कांकरिया गांव, मदस विवि, पंचायत प्रशिक्षण केंद्र जनाना अस्पताल।

रूट नंबर 17 : दूरी 14 किमी | धोलाभाटा से जनाना अस्पताल वाया पुराना मंदिर, मेयो कॉलेज, राजा साइकिल चौराहा, सीआरपीएफ कुंदन नगर चौराहा, बस स्टैंड, सावित्री चौराहा, राम भवन, शास्त्री नगर विस्तार, लोहागल, जनाना अस्पताल।

रूट नंबर 22 : दूरी 7 किमी |माखूपुरा से दौराई रेलवे स्टेशन, वाया केंद्रीय रोडवेज कार्यशाला, पॉलीटेक्निक कॉलेज, आदर्श नगर रेलवे स्टेशन, डीएवी शताब्दी स्कूल, अशोक नगर, सुभाष नगर, चुंगी, सब्जी मंडी, एचएमटी, एफसीआई गोदाम, दौराई।

रूट नंबर 23 : दूरी 6.5 किमी | माखूपुरा से अजय नगर, वाया रोडवेज कार्यशाला, आदर्श नगर रेलवे स्टेशन, डीएवी स्कूल, अशोक नगर, सुभाष नगर चुंगी, रामगंज थाना, गुर्जरवास अजय नगर।

इन रूटों पर किया जा सकता है वाहनों को डायवर्ट

परिवहन विभाग की ओर से बनाए गए 5 रूटों 13, 14, 17, 22 और 23 पर यात्री भार से कम वाहनों का संचालन हो रहा है। एक ओर जहां आमजन शहर के प्रमुख मार्गों पर कतारबद्ध चल रहे सिटी बस व टेम्पो से परेशान हो रहा है, वहीं शहर के 25 फीसदी से अधिक इलाकों में सिटी बस-टेम्पो का कोई साधन ही नहीं है। इन 5 रूटों से शहर का करीब 30 फीसदी हिस्सा प्रभावित हो रहा है। रोजाना हजारों लोग नगरीय परिवहन सेवा से महरूम हो रहे हैं। परिवहन विभाग ने शहर में नगरीय परिवहन सेवा के तहत 24 रूट निर्धारित कर रखे हैं।

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