शानो-शौकत से पेश की चादर, सजी कव्वालियों की महफिल
अजमेर| सोमलपुर स्थित हज़रत बाबा बादामशाह ‘उवैसी’ के आस्ताने पर 54वां सालाना उर्स शानो-शौकत तथा श्रद्धा से मनाया गया। गुरुवार अल सुबह कुल की रस्म अदा कर प्रसाद वितरण किया। उर्स में दूर-दराज सहित नगर व कस्बों से आए सैंकड़ों अकीदतमंदों ने हाजरी दी।
उवैसिया रूहानी सत्संग आश्रम के अध्यक्ष गुरुदत्त मिश्रा ने बताया कि 18 अप्रैल को सुबह से दोपहर तक सेवा, सुमिरन, ध्यान, सत्संग व आध्यात्मिक चर्चा आदि की गई।देशभर से आए अकीदतमदों ने उवैसिया सिलसिले के वर्तमान गुरु मुनेन्द्रदत्त मिश्रा उवैसी की अगुवाई में शाम 5 बजे गाजे-बाजे के साथ अकीदत की चादर पेश की। चादर के जुलूस में महिलाएं एवं पुरुष बड़ी संख्या में थे। जुलूस के आगे शाही कव्वाल बाबा साहब की शान में कलाम पेश करते हुए चल रहे थे। शाम 7 बजे भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया तथा रात 9 बजे महफिल सजी। जिसमें जयपुर, कोटा एवं अजमेर के कव्वालों ने बाबा साहब की शान में कई प्रस्तुतियां दी। यह महफिल अल सुबह तक चली। महफिल की सदारत गुरु मुनेन्द्रदत्त मिश्रा उवैसी ने की। महफिल सम्पन्न पर रंग पेश किया गया। कुल की रस्म अदा कर प्रसाद वितरण किया गया।
भक्त समिति आज से मनाएगी उर्स: इधर, भक्त समिति बाबा बादाम का दो दिवसीय उर्स गुरुवार से मनाएगी। समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह गौड़ ने बताया कि शाम 6 बजे से जायरीनों द्वारा चादर, फूल पेश किए जाएंगे। शाम 7 बजे से संगीतमयी गुरुवंदना एवं भगवान शिव की आरती व मीलाद शरीफ होगी। रात 10 बजे से कव्वाली व भजन होंगे। शुक्रवार को सुबह मजार शरीफ को गुस्ल दिया जाएगा। सुबह 9 बजे कु़रानख्वानी होगी। दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक महिलाएं भजन व बधावे गाएंगी। शाम 6 बजे से चादर पेश होगी। रात को कव्वाली व भजन होंगे आैर शनिवार तड़के अग्गन एंड पार्टी रंग व सलाम पेश करेगी। कुल के छींटों के साथ उर्स का समापन होगा।