बरगद की पूजा करने के लिए उमड़ी सुहागिनों की भीड़ वट सावित्री पर पति क दीर्घायु के लिए बांधा धागा
भास्कर न्यूज | मधेपुरा/आलमनगर
जिला मुख्यालय समेत पूरे जिले में सुहागिनों ने वट वृक्ष के नीचे पूजा अर्चना कर पति की लंबी आयु की दुआ मांगी। शहर के कॉलेज चौक, पुरानी कचहरी कैंपस, दूरभाष केंद्र, खेदन बाबा चौक, विवि चौक समेत कई स्थानों पर महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में पूजा अर्चना की। पूरे शृंगार में सज-धज कर सुहागन महिलाओं ने विधि विधान के साथ वट सावित्री की पूजा की। इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे की मांग भर कर उनके भी सुहाग की रक्षा की कामना की। मौके पर नवविवाहित महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया।
सत्यवान और सावित्री की कथा सुनी
मुरलीगंज प्रखंड मुख्यालय समेत पूरे प्रखंड में सुहागिनों ने पूरे उत्साह के साथ वट सावित्री की पूजा की तथा अपने पति की लंबी आयु की कामना की। वट सावित्री पूजा ग्रामीण इलाकों में बरसात पूजा के नाम से भी प्रचलित है। मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने अपने कठिन तप से यमराज से अपने मृत पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी। कथाओं के अनुसार जब यमराज सत्यवान के प्राण ले जाने लगे तो सावित्री भी उनके पीछे पीछे चलने लगी। ऐसे में यमराज ने उन्हें वरदान मांगने को कहा। सावित्री ने वरदान में सौ पुत्रों की माता बनना मांगा और जब यम ने उन्हें ये वरदान दिया तो सावित्री ने कहा कि वे पतिव्रता स्त्री है और बिना पति के मां नहीं बन सकती। यमराज को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने सावित्री के पति सत्यवान के प्राण वापस दे दिए। सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे सावित्री और सत्यवान और भैंसे पर सवार यम की प्रतिमा स्थापित करते हुए वट वृक्ष की जड़ में पूजा अर्चना की।