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जिला अस्पतालों में ढाई गुना रेट पर दे दिए सफाई ठेके, घपले की आशंका, मांगा जवाब

3 वर्ष पहले
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राजीव गांधी सामान्य अस्पताल और महिला अस्पताल में सफाई के 135.24 लाख के दो ठेकों में घपले की आशंका है। अस्पताल प्रशासन ने 10 लाख से अधिक राशि होने के बावजूद ई-टेंडर नहीं किए। एकल टेंडर पर ही पिछले साल के मुकाबले ढाई गुनी से अधिक राशि का सफाई कार्य का ठेका दे दिया गया। जिस फर्म को ठेके दिए गए, वह अस्पताल में पहले से ही सफाई का काम कर रही है। नए ठेकों पर दिल्ली की फर्म एकमे इंटरप्राइजेज 11 जनवरी से काम कर रही है। एक फर्म होने के कारण ये टेंडर पहले निरस्त कर दिए गए, लेकिन बाद में इन्हें ही हरी झंडी दे दी गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक ने जिला अस्पताल के नियम विरुद्ध दो सफाई ठेकों में गड़बड़ी को लेकर पीएमओ से जवाब मांगा है। इसमें मिलीभगत से सफाई ठेके के जरिए सीधे फर्म को फायदा पहुंचाने की आशंका है। घोटाले की आशंका को लेकर सफाई ठेका का पूरा रिकार्ड तलब किया। रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराने पर संयुक्त निदेशक ने तुरंत रिकार्ड भेजने के पीएमओ को निर्देश दिए हैं। इसमें निदेशालय ने अस्पताल के सफाई ठेके पर कई सवाल उठाए गए हैं। अस्पतालों में सफाई कार्य के लिए 15 नंबर निविदा 40 लाख और दूसरी 16 नंबर निविदा 30 लाख रुपए की लगाई गई, लेकिन बाद में यही निविदा क्रमश: 73.44 लाख और 61.80 लाख रुपए की मंजूर कर दी गई। संयुक्त निदेशक ने अनुमोदित राशि से ज्यादा की निविदा मंजूर किए जाने पर नोटिस देकर 3 दिन में जवाब मांगा है। इस ठेके को संयुक्त निदेशक कार्यालय से अनुमोदित भी नहीं कराया गया।

मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक में एकल सफाई ठेके को जिला कलेक्टर ने मंजूर किया है। प्रमुख सचिव वीनू गुप्ता के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पतालों में बेहतर सफाई के लिए दो अलग-अलग ठेके करने के निर्देश दिए थे। उन्हीं निर्देशों की अनुपालना में सफाई कर्मचारी बढ़ाने पर ठेके की राशि बढ़ाई गई। संयुक्त निदेशक कार्यालय को दो दिन पहले रिकार्ड भिजवा दिया है। -डॉ. भगवान सहाय, पीएमओ, जिला अस्पताल अलवर

संयुक्त निदेशक ने इन बिंदुओं पर मांगे जवाब

निविदा संख्या 15 व 16 का प्रकाशन कब और किस समाचार पत्र एवं नोटिस बोर्ड पर किया गया।

सफाई टेंडर फार्म कितने बिके। टेंडर में कितने ठेकेदारों ने भाग लिया। इसके रजिस्टर सहित पूर्ण विवरण भेजें।

कार्यालय में सफाईकर्मी के कितने पद स्वीकृत और कितने कार्यरत हैं। उनसे क्या काम कराया जा रहा है।

10 लाख रु. से अधिक का ई-टेंडर क्यों नहीं किया। टेंडर में प्राप्त जमा राशि कब राजकोष में जमा कराई गई।

फर्म एकमे इंटरप्राइजेज नई दिल्ली की एकल निविदा थी। राज लोक उपापन नियमों के मुताबिक एकल निविदा को मंजूर करने के लिए उच्च कमेटी से स्वीकृति क्यों नहीं ली गई?

टेंडर की अनुमोदित लागत से दुगने के ठेके किस नियम के तहत स्वीकृत किए गए। फर्म को भुगतान का रिकार्ड उपलब्ध कराएं।

पहले से काम कर रही फर्म को दे दिए दोगुने से अधिक राशि के सफाई ठेके

राजीव गांधी सामान्य अस्पताल, महिला अस्पताल और शिशु अस्पताल में पिछले वर्ष 48.36 लाख रुपए वार्षिक सफाई का ठेका दिया गया। इसमें सफाई के लिए 40 कर्मचारी रखे जाने की शर्त थी जबकि इस साल महिला अस्पताल और शिशु अस्पताल के लिए 61.80 लाख रुपए वार्षिक खर्चे पर 45 सफाई कर्मी और सामान्य अस्पताल के लिए 73.44 लाख के ठेका में 55 सफाई कर्मी रखे गए हैं। यह टेंडर एकमे इंटरप्राइजेज को दिया गया, जो पहले से ही अस्पताल में सफाई कार्य कर रही थी।

यह हैं टेंडर के नियम

एकल टेंडर पर किसी फर्म को ठेका नहीं दिया जा सकता। उसे निरस्त कर फिर निविदा आमंत्रित की जाती हैं। वहीं राज लोक उपापन नियमों के मुताबिक 10 लाख से अधिक के ई-टेंडर किए जाने चाहिए, जो नहीं किए गए।

राजीव गांधी सामान्य अस्पताल।

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