अलवर | जिला श्रमिक एवं कर्मचारी समन्वय समिति का रविवार को पुरुषार्थी धर्मशाला में द्विवार्षिक सम्मेलन हुआ। इसमें श्रमिकों की समस्याओं पर चर्चा हुई। श्रमिकों को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। पांच प्रस्ताव पारित किए गए व नई कार्यकारिणी का चुनाव हुआ। वक्ताओं ने कहा कि सरकार आमजन नहीं बल्कि काॅरपोरेट जगत के लिए काम कर रही है। श्रमिकों को अब अपने वेतन व समस्याओं के लिए आंदोलन करने से काम नहीं चलेगा बल्कि राजनीतिक व सामाजिक परिप्रेक्ष्य में सोचना होगा। समस्याओं का हल तभी संभव है, जब श्रमिक वर्ग से चुनकर प्रतिनिधि लोकसभा व विधानसभा में जाएंगे। यह तभी संभव होगा, जब हम एकजुट रहेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन हरिओम चुघ ने किया। प्रो. जीवनसिंह मानवी, एडवोकेट हरिशंकर गोयल, सीपीआई के जिला सचिव जगदीश शर्मा आदि ने भी सम्मेलन में विचार रखे। अध्यक्षता पृथ्वीसिंह नरुका, सुशील शर्मा, वीरेंद्र चौधरी व मंगल सिंह ने की। संचालन तेजपाल सैनी ने किया।
पृथ्वी सिंह नरुका बने अध्यक्ष : इस मौके पर जिला श्रमिक एवं कर्मचारी समन्वय समिति के हुए चुनाव में पृथ्वीसिंह नरुका अध्यक्ष चुने गए। वीरेंद्र चौधरी, सुशील शर्मा व हरीश महावर को उपाध्यक्ष, तेजपाल सैनी को महासचिव, राजकुमार यादव, देवेंद्र गुर्जर व केके पांचाल को सचिव, मनमोहन सैनी को कोषाध्यक्ष व दयाराम सैनी को प्रचार सचिव बनाया गया। कार्यकारिणी में भोलाराम शर्मा, राजकुमार बक्शी, सूबे खां, झज्जूराम सैनी, एसएन गोयल, यशवीर यादव, सुरेश कुमार, सोहनलाल, मुकेश, खूबीराम, संजय अरोड़ा, मंगलसिंह, उमेश सैनी, पीतांबर सैनी, सीएन बैरवा, सूरज मीणा, विजय शर्मा, अशोक सोनी व अशोक शर्मा को सदस्य बनाया गया है।
सम्मेलन में ये प्रस्ताव हुए पारित : सरकारी व गैर सरकारी नौकरियों में आउट सोर्सिंग व ठेकेदारी प्रथा बंद हो। रेलवे, डाक, बैंक, बीमा, इंश्योरेंस, बीएसएनएल व रोडवेज में खाली पदों को जल्द भरा जाए। मई दिवस पर केंद्र सरकार के कार्यालयों व औद्योगिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया जाए। ग्रामीण डाकसेवकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ व बीएसएनएल कर्मचारियों का बकाया पे रिविजन जल्द किया जाए। बैंक कर्मचारियों की 30 व 31 मई तथा रोडवेज कर्मचारियों की 25-26 जुलाई को होने वाली हड़ताल का समर्थन किया है।
अलवर. जिला श्रमिक एवं कर्मचारी समन्वय समिति के द्विवार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते चुघ।