विनय मिश्र के गजल संग्रह का विमोचन
विनय मिश्र के गजल संग्रह तेरा होना तलाशूं का विमोचन करते अतिथि।
अलवर | नया आयाम व सरगम संस्था की ओर से रविवार को एक होटल में आयोजित समारोह में डॉ. विनय मिश्र के गजल संग्रह तेरा होना तलाशूं का विमोचन किया गया। समारोह में प्रसिद्ध कथाकार, नाटक लेखक एवं समीक्षक असगर वजाहत ने कहा कि गजल समय और समाज के जटिल यथार्थ को बेबाकी से व्यक्त करती है। नए गजल संग्रह में विनय मिश्र ने विचार व संवेदनाओं की पैनी धार दी है। उन्होंने कलात्मक अभिव्यक्ति से हिंदी कविता को समृद्ध किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली से आए साहित्यकार राम कुमार कृषक ने हिंदी गजल की यात्रा के बारे में बताया। कार्यक्रम में मिश्र ने अपनी गजलों को पाठ किया। समीक्षक डॉ जीवन सिंह मानवी ने गजल संग्रह पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में दिल्ली से आए दिनेश कुमार, अलीगढ़ से आए प्रो शंभुनाथ तिवाड़ी, बनारस के कथाकार ज्योत्स्ना प्रवाह भी अतिथि के रूप में मौजूद थे। संचालन डॉ. सीमा विजयवर्गीय ने किया। कला कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश चंद खंडूरी ने आभार जताया।