मत्स्य यूनिवर्सिटी की नई व पुरानी पेपर स्कीम में उलझे परीक्षार्थी
अलवर | सिलेबस में परिवर्तन और एग्जाम स्कीम में हुए बदलाव के बाद इसे लेकर परीक्षार्थी उलझे हुए हैं। दरअसल यूनिवर्सिटी इस बार नई एग्जाम स्कीम व सिलेबस के हिसाब से परीक्षा आयोजित करा रही है। बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे भी परीक्षाएं दे रहे हैं जो या तो एक्स थे या जिनके पेपर ड्यू रह गए। नियमानुसार ऐसे बच्चों को पुरानी स्कीम को पेपर दिया जाना था, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर प्रभारियों द्वारा इस तरह की लापरवाही की जा रही है कि नई स्कीम के बच्चों को पुराने पैटर्न के और पुरानी स्कीम के बच्चों को नए पैटर्न के प्रश्न पत्र थमाए जा रहे हैं। जैसे-जैसे परीक्षार्थियों को इस बात का मालूम हो रहा है तो यूनिवर्सिटी में शिकायत मिल रही हैं। ताजा प्रकरण में सोमवार को गौरीदेवी कॉलेज में शुरू हुए बीएससी के एग्जाम में ऐसा हुआ। यहां 8 छात्राओं को पुरानी स्कीम के पेपर दिए गए, जबकि उन्होंने पढ़ाई नई स्कीम के अनुसार की थी। प्रश्न पत्र हल करने के बाद छात्राओं ने एतराज जताया। छात्राओं का तर्क था कि वे नई स्कीम के तहत पंजीकृत हैं और उन्हें पेपर पुराने पैटर्न का दिया है। ऐसे में बोनस अंक दिए जाएंगे अन्यथा भविष्य खराब हो जाएगा। प्रिंसिपल आरसी अग्रवाल का कहना है कि छात्राओं की शिकायत के बाद उनका शिकायती पत्र यूनिवर्सिटी को भेज दिया है। इधर परीक्षा नियंत्रक सप्तेश कुमार का कहना है कि पूर्व में सभी केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट तरीके से समझाया था कि पेपर कोड अलग-अलग हैं इसलिए ध्यानपूर्वक वितरण करें। यदि केंद्रों के स्तर पर गलती है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों का नुकसान नहीं होने देंगे, हमारे पास कई केंद्रों से प्रकरण आ रहे हैं इन्हें एकत्रित करके बच्चों के हित में निर्णय करेंगे।