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सफाई पर हर महीने 88500 रुपए का खर्चा, फिर भी 5 मिनट खड़ा होना मुश्किल

3 वर्ष पहले
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अलवर. शहर की थोक फल एवं सब्जी मंडी स्थित नाले में भरी गंदगी। सब्जी विक्रेता इस नाले में सड़ी-गली सब्जियां डाल देते हैं, जिसकी वजह से इस नाले में से दिनभर बदबू आती है।

थोक फल एवं सब्जी मंडी का हाल, ठेका शर्तों में न कर्मचारियों की संख्या तय और न सफाई उपकरणों का जिक्र

भास्कर संवाददाता | अलवर

शहर की अनाज मंडी तथा थोक फल एवं सब्जी मंडी में हर महीने 88500 रुपए सफाई पर खर्च हो रहे हैं, इसके बावजूद दोनों जगह रोज सफाई नहीं होती। थोक फल एवं सब्जी मंडी की हालत तो ऐसी है कि बदबू की वजह से यहां पांच मिनट भी खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। जहां फुटकर व्यापारी बैठते हैं, वहां से जा रहा नाला पूरी तरह गंदगी से अटा पड़ा है। इस नाले को देखकर लगता ही नहीं कि कभी इसकी सफाई की गई होगी। सफाई की ठेका शर्तों में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं है कि ठेकेदार कितने कर्मचारी सफाई के काम में लगाएगा और किन उपकरणों से सफाई करेगा। व्यापारियों का कहना है कि थोक फल एवं सब्जी मंडी में व्यापारियों के साथ आम लोग भी रोज आते-जाते हैं क्योंकि यहां फुटकर दुकानें भी लगती हैं। व्यापारी कहते हैं कि मंडी में सफाई पिछले कई दिनों से नहीं हो रही है। दुकानों के सामने व मंडी के विभिन्न स्थानों पर हमेशा गंदगी रहती है। दुकानों के आगे नालियों में गंदा पानी भरा रहता है। दूसरी ओर मंडी समिति के सचिव का दावा है कि यहां नियमित सफाई होती है। सफाई ठेका कंपनी के ठेकेदार रोशन का कहना है कि ठेका लिए उसे एक महीना हुआ है, तब से लगातार सफाई हो रही है। ठेकेदार का कहना है कि मंडी में लगने वाली फुटकर दुकानों के व्यापारी सबसे ज्यादा गंदगी फैलाते हैं।

अलवर. फल एवं सब्जी मंडी में सफाई न होने से लगा कचरे का ढेर।

सफाई नहीं होने से मंडी के व्यापारी और यहां आने वाला हर व्यक्ति परेशान है। पिछले कई दिनों से सफाई नहीं हुई। मंडी में जगह-जगह गंदगी है। नालियां रुकी हुई हैं। बदबू के कारण दुकानों में काम करना भी मुश्किल होता है। - देवेंद्र छाबड़ा, अध्यक्ष, थोक फल एवं सब्जी मंडी आढ़ती यूनियन

मंडी में रोज सफाई की जा रही है। फुटकर की दुकानें लगने के कारण समस्या अधिक आती है। सफाई कर्मियों को भी सफाई करने में दिक्कत आती है। व्यापारी भी कचरा पात्र रखकर सहयोग नहीं कर रहे हैं। फिर भी व्यवस्थाओं का बेहतर करेंगे। - रोशन लाल, प्रभारी, सफाई ठेका कंपनी

मंडी में रोज सफाई होती है। ठेका शर्तों में सफाईकर्मी या उपकरणों के बारे में किसी प्रकार का उल्लेख नहीं है। हमने अनाज मंडी व फल मंडी की सफाई का 88500 रुपए प्रति महीने का ठेका दिया है। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी शामिल है। जीएसटी की राशि ठेकेदार देता है। - विष्णु दत्त शर्मा, सचिव, मंडी समिति

इनसे सीखें : नासिक प्याज मंडी में ढेरी से निकले प्याज की होती है नीलामी

युवा आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष सैनी ने बताया कि नासिक प्याज मंडी में किसी ढेरी से प्याज निकलकर अलग गिरता है तो मंडी की एक टीम ऐसे प्याज को एकत्रित करती है। इस प्याज के ढेर की नीलामी होती है। इससे मिली राशि का आधा भाग एकत्रित करने वाली टीम के कर्मियों को तथा आधा भाग मंडी समिति में जमा किया जाता है। अलवर में भी ऐसा किया जा सकता है।

यह हो सकता है : मंडी में कचरा संग्रहण कर बना सकते हैं खाद

मंडी से जुड़े व्यापारी कहते हैं कि कचरे को इकट्ठा कर इसकी खाद बनाई जा सकती है। साथ ही मंडी में टमाटर, बैंगन, काशीफल व अन्य प्रकार की सब्जी व फल फेंके जाते हैं। इनके बीज को एकत्रित किया जाए तो ठेका कंपनी को लाभ मिल सकता है।

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