अलवर | सरकार की ओर से विद्युत निगम की पांचों कंपनियों में 20 हजार पद समाप्त करने की घोषणा का कर्मचारी एवं श्रमिक संगठनों ने विरोध किया है। संगठनों का आरोप है कि सरकार ने युवाओं के रोजगार के अवसर समाप्त किए हैं। साथ ही ठेके कंपनियों से काम कराके युवाओं का शोषण करने की दोहरी मार की है। राजस्थान बिजली श्रमिक फैडरेशन (एटक) के अध्यक्ष गजराज सिंह व महामंत्री टीकम चंद शर्मा के अनुसार पद समाप्त होने से युवाओं में निराशा आई है। साथ ही सरकार की सरकार की नीति स्पष्ट हो गई है। वह युवाओं को ठेकेदार व अनुबंध कंपनियों के चंगुल में फंसाना चाहती है। संगठन से पदों को पुन: बहाल करने की मांग की है। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) अध्यक्ष भोला राम शर्मा का कहना है कि सरकार ने जीएसएस को ठेके पर देने की कार्रवाई कर अपनी मंशा को जता दिया था। संगठनों के विरोध के कारण उसे अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। अब सरकार ने 20 हजार पद समाप्त कर अपनी मंशा को जाहिर कर दिया है।