बिना डॉक्टर के पशुओं के इलाज का विरोध
राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ ने पशु अस्पतालों में बिना डॉक्टर दवा देने के बहिष्कार के दौरान शुक्रवार को संयुक्त निदेशक कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। संघ के जिलाध्यक्ष रघुवीर चौधरी एवं जिला मंत्री सुरेश शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने अस्पतालों में बची दवाओं के वाउचर और मांगों का ज्ञापन संयुक्त निदेशक को सौंपा।
उन्होंने बताया कि अलवर, बानसूर, बहरोड़, गोविंदगढ़, किशनगढ़बास, मुंडावर, रैणी, रामगढ़, नीमराना, थानागाजी और तिजारा के 73 वाउचर सौंपे गए। ज्ञापन में बताया है कि डॉक्टर की मौजूदगी में ही पशुओं का इलाज और दवा दी जा सकेगी, लेकिन सरकार वीसीआई की धारा 30बी का उल्लंघन कर बिना डॉक्टर के ही पशु चिकित्सा कर्मियों से इलाज करा रही है, लेकिन इलाज के अधिकार नहीं दे रही।
ऐसी स्थिति में पशु चिकित्सा कर्मी 16 मार्च से मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना का बहिष्कार कर रहे हैं। वहीं मेल नर्स द्वितीय के समान वेतन, पशु चिकित्सा कर्मियों को हार्ड ड्यूटी अलाउंस, तीन साल की ट्रेनिंग, वेटरनरी कौंसिल की स्थापना, कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के उपाय आदि मांगें की गई हैं।