गबन के आरोप में जेल में बंद वाइस चेयरमैन को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
अलवर | सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अलवर अरबन कोऑपरेटिव बैंक में करीब 5.50 करोड़ रुपए के गबन के आरोपी बैंक के वाइस चेयरमैन अशोक जोशी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। जोशी करीब डेढ़ साल से अलवर जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट में वकीलों ने आरोपी जोशी की तबीयत खराब होने का हवाला देकर उसकी जमानत याचिका पेश की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई को याचिका पर सुनवाई करते हुए जोशी को जमानत पर जेल से रिहा किए जाने के आदेश दिए थे। ज्ञात रहे कि 19 नवंबर 2016 की रात किशनगढ़बास थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान अलवर से दिल्ली जा रही 3 कारों में ले जाए जा रहे 1 करोड़ 32 लाख 43 हजार के नए व पुराने नोटों से भरे बैग बरामद किए थे। इस मामले में दिल्ली निवासी अशोक जोशी, उसकी प|ी सुमन जोशी, वरूण खत्री, मानसी खन्ना, नरेंद्रसिंह, रविन्द्र दहिया, उमा, नेहा शर्मा, कोलकाता के अनिल व आशा चक्रवर्ती, चंडीगढ़ के हरलीन व अलवर के भाखेड़ा निवासी को पकड़ा था। बाद में एसओजी ने इस मामले की जांच की, जिसमें अलवर अरबन कोऑपरेटिव बैंक के पदाधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा 5.50 करोड़ रुपए का गबन उजागर हुआ था।