अलवर| धानका जनजाति समाज के सदस्यों के जाति प्रमाणपत्र बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा परेशान करने के विरोध में 23 मई को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। धानका आदिवासी जनजाति उत्थान समिति के अध्यक्ष मुकेश बावलिया ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी धाणका और धानका में अंतर मानकर जाति प्रमाण पत्र बनाने में परेशानी पैदा कर रहे हैं, जबकि अब ण के स्थान पर न का उपयोग होने लग गया है। ऐसे में धाणका और धानका में कोई अंतर नहीं है।