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रेलवे ट्रैक पर गिरा पेड़, तार टूटे, तीन ट्रेनें अलग-अलग जगह रोकनी पड़ी

3 वर्ष पहले
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रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे एक बरगद के पेड़ को काटते समय इसका एक हिस्सा रेलवे लाइन के ऊपर से जा रहे बिजली के तारों को तोड़ता हुआ रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। जिससे अलवर-बांदीकुई ट्रैक पर 1 घंटा 10 मिनट तक ट्रेनों का संचालन ठप रहा। बिजली के तार टूट जाने के कारण तारों में करंट बंद हो गया। इस वजह से अलवर-मथुरा रेलवे ट्रैक पर भी 3 घंटे तक रेल यातायात प्रभावित हुआ। इस दौरान तीन ट्रेनों को अलग-अलग स्थानों पर रोकना पड़ा। जिसके कारण गर्मी में हजारों यात्री परेशान हुए।

स्टेशन अधीक्षक चेतराम बरसीवाल ने बताया कि कालीमोरी रेलवे फाटक के पास बरगद के पेड़ की डाल रेलवे के बिजली के तारों और रेलवे ट्रैक के ऊपर आ गई थी। इस पेड़ की वजह से अलवर-बांदीकुई रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण में भी बाधा आ रही थी। इसी के चलते रेलवे की टीम इस पेड़ काे काट रही थी तभी पेड़ का बड़ा हिस्सा रेलवे लाइन के ऊपर से जा रहे बिजली के तारों को तोड़ता हुआ रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। ट्रैक बाधित होने से जयपुर-खैरथल एक्सप्रेस ट्रेन दोपहर 1 से 1.40 बजे तक कालीमोरी फाटक के पास खड़ी रही। अधिकतर यात्री कालीमोरी फाटक के पास ही इस ट्रेन से उतर गए। मथुरा-जयपुर पैसेंजर ट्रेन 12.15 से 1.50 बजे तक अलवर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी रही। मथुरा से अलवर आ रही ट्रेन को दो बार अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। यह ट्रेन दोपहर 12.52 से 1.30 बजे तक जाडोली का बास स्टेशन पर खड़ी रही। इसके बाद यह ट्रेन दोपहर 1.38 से 3.30 बजे तक रामगढ़ स्टेशन पर खड़ी रही। बाद में बिजली का इंजन हटा डीजल इंजन लगाकर इस ट्रेन को अलवर तक लाया गया। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 4.15 घंटे देरी से शाम 5.15 बजे अलवर पहुंची। इस ट्रेन में सवार यात्री गर्मी से परेशान होकर रामगढ़ से अलवर तक बस व अन्य साधनों से पहुंचे। अलवर से मथुरा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन भी 4 घंटा 28 मिनट की देरी से रवाना हुई।

अलवर. कालीमोरी रेलवे फाटक के पास ट्रैक पर गिरा पेड़ का डाला।

अलवर स्टेशन पर खड़ी मथुरा-जयपुर पैसेंजर ट्रेन के चलने का इंतजार करते यात्री।

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