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टंकियों से निकाला कचरा-मिट्‌टी, अस्पतालों में मरीजों व उनके परिजनों को अब मिलेगा साफ पानी

3 वर्ष पहले
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जिला मुख्यालय पर सरकारी अस्पतालों की छतों पर रखी खुली टंकियों में पनप रहे लार्वा को लेकर अब प्रशासन सक्रिय हो गया है। तीनों अस्पतालों की छतों पर रखी करीब 60 से अधिक टंकियों की सफाई कराई गई है। सफाई के दौरान टंकियों से काफी कचरा, मिट्टी व पानी के खारेपन की गाद निकली है। कर्मचारियों ने टंकियों में घुसकर सफाई की। इसके बाद टंकियों को ढक्कन और प्लास्टिक की शीट से ढककर स्क्रू से कस दिया है, जिससे बंदर उसे नहीं उखाड़ सकें। शुक्रवार को महिला अस्पताल और शिशु अस्पताल की टंकियों की सफाई की गई। दैनिक भास्कर में जिला अस्पताल की छत पर रखी 50 में से 30 टंकियों पर ढक्कन नहीं, पनप रहा लार्वा शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। राजीव गांधी सामान्य अस्पताल, महिला अस्पताल और शिशु अस्पताल की छतों पर रखी टंकियों की कर्मचारियों से सफाई कराई गई है। कर्मचारियों ने पहले टंकियों की सफाई की। इसके बाद अस्पताल परिसर एवं वार्डों तथा पार्क की सफाई की गई। नर्सिंग अधीक्षक निशीबाला सिंह एवं अशोक जैन ने बताया कि टंकियों की सफाई कराने के बाद उसमें ब्लीचिंग पाउडर डाला गया है। यहां छतों पर टंकियों को बंदर ही नुकसान पहुंचाते हैं और ढक्कन को तोड़कर हटा देते हैं। तीनों अस्पतालों में साफ की गई टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर भी डलवाया गया है, जिससे पानी में बैक्टीरिया नहीं पनप सके। पाइप लाइन में पहले से उत्पन्न बैक्टीरिया भी खत्म हो सकेगा। कर्मचारियों ने ब्लीचिंग पाउडर डालने की तिथि भी टंकियों पर अंकित कर दी है।

तीनों अस्पतालों की छतों पर रखी पानी की टंकियों की सफाई करा दी गई है। सभी टंकियां अभी साफ हैं। जिस टंकी की सफाई नहीं हुई है उसे शीघ्र ही साफ कराया जाएगा। खुली टंकियों को भी ढक दिया गया है। इसके लिए प्लास्टिक की शीट टंकियों में कसी गई हैं। -भगवान सहाय, पीएमओ, राजीव गांधी सामान्य अस्पताल, अलवर

मिलेगी राहत

प्रशासन ने अस्पतालों की छतों पर रखी टंकियों की सफाई कराई, ढक्कन स्क्रू से कसवाए

महिला अस्पताल की छत पर रखी टंकी की सफाई करता कर्मचारी।

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