800 करोड़ रुपए देकर भी नहीं लिया ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज भवन
लोकसभा उपचुनाव में याद आए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल को सरकार ने अलवर सीट हारने के बाद अब इसे फिर भुला दिया है। निर्माण कंपनी को 800 करोड़ रुपए से ज्यादा भुगतान करने के बाद भी इस कॉलेज और उससे जुड़े कई भवनों का हैंडओवर नहीं लिया जा रहा है। पूरा भवन हैंडओवर नहीं होने के कारण अब 50 बैड के हॉस्पिटल का उद्घाटन भी अटक गया है। हालात ये हैं कि ईएसआईसी ने 50 बैड के हॉस्पिटल में रजिस्टर्ड कर्मचारी और श्रमिकों के इलाज के लिए ओपीडी ताे शुरू कर दी, लेकिन आईपीडी (इनडोर वार्ड) की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। निर्माण कंपनी के अधिकारी 36 एकड़ भूमि में बने सभी भवनों के हैंडओवर को लेकर कई बार केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार से मिल चुके हैं, लेकिन सरकार पूरे भवन को लेकर अभी तक असमंजस की स्थिति में है। सरकार की हरी झंडी नहीं मिलने से ईएसआईसी भी निर्णय नहीं कर पा रही है। इसी कारण मेडिकल कॉलेज भवन, स्टेडियम, ऑडिटोरियम और इनसे जुड़े आवासीय फ्लैट निर्माण कंपनी के कब्जे में हैं और उनका रखरखाव भी निर्माण कंपनी के कर्मचारी ही कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ईएसआईसी की ओर से भवन निर्माण कंपनी को 800 करोड़ से अधिक का भुगतान हो चुका है। अब सिर्फ कंपनी के करीब 10 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है। कंपनी भवनों के रखरखाव के खर्च के बिल भी हर महीने ईएसआईसी को सौंप रही है।
लोकसभा उपचुनाव हारने के बाद सरकार ने ध्यान हटाया
लोकसभा उप चुनाव के दौरान सरकार का ईएसआईसी पर इतना दबाव था कि तुरंत चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों की नियुक्ति के बाद हॉस्पिटल भवन का हैंडओवर लिया गया, लेकिन उपचुनाव हारने के बाद हॉस्पिटल को लेकर सरकार की रुचि कम हो गई। कांट्रेक्ट पर डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए भर्ती निकाली गई, लेकिन भर्ती प्रक्रिया के बाद भी ज्यादातर डॉक्टरों के पद खाली रह गए, क्योंकि सरकार डॉक्टरों की स्थाई नियुक्ति नहीं कर पाई है और कांट्रेक्ट पर डॉक्टर आ नहीं रहे हैं।
ईएसआईसी हॉस्पिटल भवन (फाइल फोटो)।
इसलिए नहीं हुआ 50 बैड के हॉस्पिटल का उद्घाटन
केंद्रीय श्रम मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि सरकार ने 50 बैड का ईएसआईसी हॉस्पिटल तो शुरू कर दिया, लेकिन सारे भवन हैंडओवर नहीं होने से उद्घाटन अटक गया है। उद्घाटन में होने वाले करीब 50 लाख रुपए का खर्च भी निर्माण कंपनी को ही करना है। लेकिन निर्माण कंपनी पूरे भवन को हैंडओवर करने के बाद ही उद्घाटन कराना चाहती है। ऐसी स्थिति में हॉस्पिटल का उद्घाटन समारोह अब अप्रैल में भी मुश्किल नजर आ रहा है।
अभी ईएसआईसी हॉस्पिटल भवन के उद्घाटन को लेकर मुख्यालय से कोई सूचना नहीं आई है। यहां ईएसआईसी में रजिस्टर्ड कर्मचारी और श्रमिकों के लिए कैशलेस ओपीडी में इलाज की सुविधा शुरू की जा चुकी है। डॉक्टरों की पूर्ति के बाद आईपीडी भी शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे मरीज को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। -डॉ. एके गौतम, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी हॉस्पिटल, अलवर