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सवाल-क्या ऐसे बच्चे कलाम बन सकेंगे?.....

3 वर्ष पहले
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अलवर. रावणदेहरा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का विशाल भवन, पर बच्चे नहीं है।

...आपको ये एक कक्षा लग रही होगी, लेकिन यह पूरा स्कूल है
अलवर. रावणदेहरा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आठ कक्षाएं पर बच्चे 28।

अलवर. देखने पर आपको ये एक कक्षा लग रही होगी, लेकिन यह कक्षा नहीं बल्कि पूरा स्कूल है। जी हां, दरअसल फोटो अलवर जिला मुख्यालय स्थित रावण देहरा के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल की है। जहां पहली से 8 वीं तक के बच्चे एक ही क्लास में इस तरह पढ़ते हैं। सभी आठ कक्षाओं को पढ़ाने के लिए एक ही शिक्षक हैं। वे जब कक्षा में पढ़ाते हैं तो कैलकुलेटर, वेतन बिल, रिपोर्ट कार्ड आदि प्रशासनिक कामकाज के कागज भी लेकर बैठते हैं। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां पढ़ने वाले बच्चों को कितना ज्ञान मिल पा रहा होगा। स्कूल फैक्ट्स: यहां कुल 28 बच्चों के नामांकन हैं। इनमें 18 छात्रा व 10 छात्र हैं। शिक्षण को लगे तो दो अध्यापक थे, लेकिन इनमें एक प्रधानाध्यापक हैं। जो 30 अप्रेल को रिटायर होने जा रहे हैं। फिलहाल वे छुट्टी पर चल रहे हैं। स्कूल में कुल 8 कमरे हैं। इनमें दो क्षतिग्रस्त हैं। एक में आंगनबाड़ी चलती है। बाकी बदहाल होने के कारण बंद हैं। पहली से आठवीं तक की संयुक्त क्लास बरामदे में लगती है। अहम बात ये है कि सीएसआर और अन्य मदों से सरकार ने स्कूल भवन को रंगरोगन कर बाहर से चमका दिया, स्कूल की मूलभूत जरूरत यानी शिक्षक ही नहीं है।

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