गोहत्या मेंे दो जनों को 7-7 साल की सजा
दस साल पुराने मामले का आया फैसला, 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
भास्कर न्यूज | तिजारा
जिला एवं सत्र न्यायाधीश 2 तिजारा शंकर लाल गुप्ता ने गोहत्या के मामले में दो अभियुक्तों रज्जाक पुत्र छुटमल, मुबीन पुत्र घुसला मेव निवासी मिलकपुर तुर्क थाना टपूकड़ा को सात-सात साल के कारावास एवं दस दस हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक सुनील जैन ने बताया कि टपूकड़ा थाने के तत्कालीन एएसआई बाबू लाल ने 12 मार्च 2008 को टपूकड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 11 मार्च की रात सूचना मिली कि मिलकपुर तुर्क में नदी के पास रज्जाक के छप्पर में रज्जाक व उसका लड़का व नफीस उर्फ नफी व मुबीन निवासी मिलकपुर तुर्क एक गाय को काटकर उसका मांस बेच रहे हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो तीन चार आदमी छप्पर से निकल कर भागे। पुलिस ने भागते हुए आरोपियों को पहचान लिया व रज्जाक के नाबालिग लड़के को पकड़ लिया। उसने भागने वालों के नाम रज्जाक व घुसला के लड़के नफीस उर्फ नफी व मुबीन बताया। पुलिस ने मौके पर छप्पर में ताजा कटी हुई गाय का मास, खून लगे गाय के अन्य अवशेष तथा एक तराजू, एक लकड़ी का गुटखा मिला। जिन्हें जब्त कर लिया और गाय काटने का अपराध पाया गया। पुलिस ने आरोपी रज्जाक, मुबीन, नफीस उर्फ नफी व बाल अपचारी शाकिर के खिलाफ गोहत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। जैन ने बताया रज्जाक के पुत्र के बाल अपचारी होने के कारण पुलिस ने किशोर न्यायालय अलवर मे आरोप पत्र पेश किया तथा रज्जाक पुत्र छुटमल , मुबीन व नफीस उर्फ नफी पुत्र घुसला मेव निवासी मिलकपुर तुर्क के खिलाफ आरोप पत्र तिजारा एडीजे 2 मे आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय की कार्रवाई के चलते मुलजिम नफीस उर्फ नफी की मौत हो जाने से उसके खिलाफ कार्यवाही ड्रॉप हो गई। शेष दो मुल्जिमान रज्जाक पुत्र छुटमल व मुबीन पुत्र घुसला मेव निवासी मिलकपुर तुर्क की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश शंकर लाल गुप्ता ने गोहत्या के आरोप में दोनों आरोपियों को 7 वर्ष का कारावास व 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।