बिहार की युवती की दिल्ली में खरीद-फरोख्त होने की आशंका
3 दिन पहले शाहजहांपुर में मिली युवती को निराश्रित अल्पावास गृह में कराया पुनर्वासित
अलवर| पुलिस को 3 दिन पहले शाहजहांपुर कस्बे में लावारिस हालत में घूमती मिली 20 वर्षीय घायल युवती अमिता को जनाना अस्पताल स्थित स्वावलंबन निराश्रित महिला अल्पावास गृह में पुनर्वासित करवाया गया है। अमिता का कहना था कि वह करीब एक महीने पहले बिहार के पटना से मामा-मामी के साथ काम की तलाश में निकली थी। पटना स्टेशन पर गलती से वह दिल्ली वाली ट्रेन में सवार हो गई, जबकि मामा-मामी किसी दूसरी ट्रेन में बैठ गए। इससे वह उनसे बिछुड़ गई। अल्पावास गृह सचिव शची आर्य ने बताया कि अमिता की बोली कम समझ में आ रही है। संभवत: वह मामा-मामी से भटकने के बाद मानव तस्करी की शिकार हो गई। उससे मारपीट की गई। इससे उसकी आंख, मुंह व शरीर पर चोटें है। उन्होंने बताया कि अमिता को कोई महिला दिल्ली में अपने घर ले गई, उसने उसे 2-4 दिन रखा। फिर उसे एक लाख रुपए में बेच दिया। खरीदने वाले लोगों ने अमिता को कमरे में बंद कर मारापीटा। इस बीच, किसी ने पुलिस को खबर कर दी। अल्पावास गृह सचिव शची आर्य ने बताया कि महिला अपना नाम अमिता पुत्री प्रसाद दर्बी निवासी दुमका बिहार बताती है।