पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सरिस्का में थर्मल कैमरे लगाने को लेकर ग्रामीण व वनकर्मी आमने सामने, कुशालगढ़ से टीम को लौटाया

सरिस्का में थर्मल कैमरे लगाने को लेकर ग्रामीण व वनकर्मी आमने-सामने, कुशालगढ़ से टीम को लौटाया

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अलवर| सरिस्का बाघ परियोजना क्षेत्र में कुशालगढ़ के पास जंगल में थर्मल कैमरे लगाने को लेकर ग्रामीण व वनकर्मी आमने-सामने आ गए हैं। ग्रामीणों के विरोध के चलते कैमरा लगाने गई आईटी अलवर व थानागाजी की टीम को लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि शौच के लिए ग्रामीण जंगल में जाते हैं। ऐसे में कैमरों से परेशानी हो सकती है। सरिस्का में बाघ-बघेरों सहित अन्य जंगली जानवरों की सुरक्षा एवं शिकारियों पर नजर रखने के लिए करीब 35 थर्मल कैमरे लगने हैं। कैमरों को लगाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने बजट में की थी। पहले फेज में जंगल में पांच कैमरे लगने हैं। कैमरा तीस फुट के टावर पर लगेगा। जिससे उस क्षेत्र की गतिविधि पर नजर रखी जा सके। टावर लगाने के लिए मंगलवार को वन विभाग के कर्मचारियों एवं पुलिस के साथ आईटी की टीम कुशालगढ़ पहुंची। कैमरा कुशालगढ़ किले पर लगना है। टीम को देखते ही ग्रामीण जमा हो गए और टावर लगाने का विरोध करते रहे। सरिस्का के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।

कुशालगढ़ के पास थर्मल कैमरा लगाया जाना है। यहां काफी व्यस्त ट्रैफिक भी है। यहां से तीन किलोमीटर दूर ही टाइगर एसटी-11 की मौत हुई है। ग्रामीणों को कई बार समझा लिया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं। - बालाजी करी, डीएफओ सरिस्का

खबरें और भी हैं...