सुल्तानपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल से टीटीआई को टिकट मांगना महंगा पड़ गया। कांस्टेबल ने टीटीआई की धुनाई कर दी। ट्रेन के अलवर पहुंचने पर जीआरपी ने आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि रेलवे के अजमेर मुख्यालय के टीटीआई बिल्लू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी गुरुवार को सुल्तानपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में दिल्ली से अजमेर तक ड्यूटी थी। रेवाड़ी से ट्रेन रवाना होने के बाद स्लीपर कोच नंबर एक में वह टिकट चैक कर रहा था। अजरका स्टेशन के पास एक यात्री ने पहले तो खुद के पास एमएसटी होना बताया। यात्री से जब एमएसटी मांगी तो उसने जनरल टिकट होना बताया। यात्री से जब जनरल टिकट मांगा, तो उसने नहीं दिखाया। बार-बार पूछने यात्री ने खुद को दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल होना बताया। यात्री ने अपना नाम चंद्रप्रकाश पिता का नाम हरिनारायण पता बीगाबास दौसा बताया। इस यात्री को बिना टिकट मानते हुए 325 रुपए की रसीद बनवाने को कहा, तो वह बहस करने लगा। उसे समझाया तो मारपीट कर घायल कर दिया। इस पर एसी कोच अटेंडेंट ने बीच-बचाव किया। पुलिस ने बताया कि ट्रेन के अलवर पहुंचने पर आरोपी दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल चंद्रप्रकाश को उतारकर गिरफ्तार कर लिया। टीटीआई ने आरोपी कांस्टेबल चंद्रप्रकाश के खिलाफ टिकट मांगने पर मारपीट करने और राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने पीड़ित टीटीआई बिल्लू का मेडिकल मुआयना कराया है।
टीटीआई से मारपीट का आरोपी दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल अलवर जीआरपी थाने में नजर बचाते हुए।