कांग्रेस ने ‘मेरा बूथ मेरा गौरव जय जवान जय किसान’ कार्यक्रम के जरिए विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। बूथ स्तर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए रविवार को यहां स्वरूप विलास होटल में कांग्रेसी नेताओं ने मंथन किया। सभी बूथ स्तर पर मीटिंग एवं सेक्टर स्तर पर सभी को साथ लेकर अभियान चलाने पर जोर दिया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में शुरू हुए दो दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह रहे। पहले दिन अलवर शहर व ग्रामीण, बानसूर, किशनगढ़बास, मुंडावर व कठूमर के कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष जूली ने कहा कि यह विस्तृत कार्यक्रम पूरे राजस्थान में चलेगा। इसके जरिए प्रत्येक बूथ स्तर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ना है। बूथ एवं सेक्टर स्तर पर सभी को साथ लेकर अभियान चलाना है। सभी सेक्टर अध्यक्षों को 25 मई तक कार्यकारिणी बनाकर देनी है। पूरे जिले को 69 सेक्टरों में विभाजित किया है। इस पायलट प्रोजेक्ट की अलवर जिले से शुरुआत हुई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर बूथ को मजबूत करना है। इसके लिए उन्होंने बूथ स्तर पर बैठक करने, वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारियों को साथ लेकर अभियान चलाने, नए सदस्यों को कांग्रेस पार्टी से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में 6 विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेस पार्टी के जिला प्रमुख, पूर्व जिला प्रमुख, विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी, पूर्व विधायक, विधानसभा प्रभारी, विधानसभा सहप्रभारी, सेक्टर ब्लाॅक अध्यक्ष, प्रधान, पूर्व प्रधान, यूआईटी व नगर परिषद एवं नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन मौजूद थे।
‘मेरा बूथ मेरा गौरव जय जवान जय किसान’ कार्यक्रम के तहत 6 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की हुई बैठक
अलवर. बैठक में मौजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री, जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी।
कांग्रेस ने जारी किया मांगपत्र
जिला प्रवक्ता नरेंद्र मीणा ने बताया कि बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जनता की मांगों का मेरा बूथ मेरा गौरव, जय जवान जय किसान का मांगपत्र भी जारी किया। इसमें रुके हुए प्रोजेक्ट पूरे करने की मांग की गई है। इनमें मिनी सचिवालय, मेडिकल काॅलेज, बुलेट ट्रेन, चंबल का पानी अलवर लाने का प्रोजेक्ट शामिल है। पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने, नगर परिषद से संबंधित आमजन की समस्याएं जैसे आवारा पशु, सफाई व्यवस्था, सीवरेज आदि हल की जाएं। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं में किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ हो, हर युवा को रोजगार मिले, हर किसान को फसल की लागत से दोगुनी कीमत मिले।