डॉ. भीमराव ज्ञानप्रकाश समिति की ओर से रविवार को 200 फुट रोड पर डॉ. अंबेडकर छात्रावास में चौथा सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। बौद्ध रीति से हुए इस सम्मेलन में जाटव बैरवा समाज के 16 जोड़ों की शादी हुई। दिल्ली से आए भारतीय बौद्ध महासभा के केंद्रीय प्रशिक्षक सुबौद्ध सागर ने विवाह कराए। इस मौके पर समिति की ओर से 65 भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया। आशीर्वाद समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान से राज्यसभा सांसद रामकुमार वर्मा ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का सपना था कि प्रतिष्ठा व दिखावे के नाम पर शादियों में होने वाले खर्चे को सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से बचाया जाए। जो राशि शादी में खर्च होनी थी, उसे बच्चों की शिक्षा पर खर्च किया जाए। बच्चों के शिक्षित होने पर समाज का विकास होगा। समारोह की अध्यक्षता कर रहे विधायक जयराम जाटव ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में अमीर द्वारा केवल दान देने से काम नहीं चलेगा, वे भी अपने बच्चों की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करें। सामूहिक विवाह सम्मेलन का उद्देश्य है कि वर्ग भेद समाप्त हो और समाज एक मंच पर आए। अतिविशिष्ट अतिथि एडीएम द्वितीय बीएल रमन व समिति अध्यक्ष मंगलराम जाटव रहे। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट खेमचंद धामाणी, एडवोकेट अशोक वर्मा, डीपी जाटव, पदम चंद, सुंदरलाल जाजोरिया, राजकुमार, भौंरेलाल रतिया, खानसिंह जाटव व मूलचंद थे। समिति की ओर से अतिथियों का साफा बांधकर व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। संचालन लालचंद व ओमप्रकाश ने किया।
ऐसे हुआ बौद्ध रीति से विवाह
बौद्ध महासभा के केंद्रीय प्रशिक्षक सुबौद्ध सागर ने सबसे पहले बुद्ध पूजा कराई। इसके बाद विवाह सम्मेलन में उपस्थित लोगों को साक्षी मानकर वर-वधू का समर्पण हुआ। वर-वधू ने एक दूसरे का सम्मान करने, सधर्म के अनुसार आचरण करने, परिवार का पालन पोषण करने और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की प्रतिज्ञा ली। इसके बाद वरमाला का कार्यक्रम व अंत में अष्टमंगल गाथा हुई।
अलवर. अंबेडकर छात्रावास में आयोजित जाटव व बैरवा समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में उपस्थित वर-वधू।
प्रणाम की महिमा समझें, बड़ों का सम्मान करें
भास्कर न्यूज | बानसूर
गांव ज्ञानपुरा में नगर परिषद के पूर्व आयुक्त ठाकुर रोशन सिंह शेखावत व अलवर यूआईटी चेयरमैन देवीसिंह शेखावत परिवार की ओर से सात दिवसीय भागवत गर्जना कथा के पांचवें दिन कथा वाचक जुगल किशोर ने प्रवचन में कहा कि जो मनुष्य अपने से बड़ों को प्रणाम करते है उनके चार गुण आयु, विद्या, यश व बल में सदैव वृद्धि होती है। इसलिए हमें प्रणाम की महिमा को समझना चाहिए और अपने से बड़ों का आदर करना चाहिए। जुगल किशोर ने भगवान कृष्ण के जन्म उत्सव की कथा आरंभ की जिसमें भगवान श्री कृष्ण के जन्म को आकाशवाणी से लेकर उनके जन्म तक उनकी रासलीला, उनके नटखट बचपन आदि विषयों पर श्रोताओं को प्रसंग सुनाए। अंत आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर अलवर यूआईटी चेयरमैन देवीसिंह शेखावत, उपखंड अधिकारी गोपाल सिंह शेखावत, प्रताप सिंह शेखावत, एसीजेएम शक्ति सिंह शेखावत, अलवर शहर विधायक बनवारीलाल सिंघल, अलवर जेल अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह शेखावत, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मूलसिंह राणा, पार्षद घनश्याम गुर्जर, धीरज जैन, राजेश तिवाड़ी, जगमोहन शेखावत, सुभाष अग्रवाल, विजेन्द्र यादव, डॉ. अमित खंडेलवाल, विशम्भर शेखावत, भूपेन्द्र सिंह चौहान,रोहित बारेठ आदि श्रद्धालु मौजूद थे।
बानसूर. रविवार को गांव ज्ञानपुरा में आयोजित भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।