कई संगठन हुए एकजुट, बोले 21 को होगी श्रद्धांजलि सभा
अनुसूचित जाति,अनुसूचित जन जाति, अल्पसंख्यक व अन्य पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच की ओर से विजय नगर में आयोजित डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में वक्ताओं ने सरकार से लेकर पुलिस प्रशासन तक, राजनीतिक दलों से लेकर मनुवादी ताकतों तक, संतों से लेकर राजनेता तक पर कड़े प्रहार किए गए। जिला कलेक्टर, एसपी व थानेदारों के तबादलों की मांग उठी। कार्यक्रम में मंच के संयोजक सूरज मल कर्दम ने 21 अप्रैल सुबह दस बजे से रूपबास स्थित जगन्नाथ मेला स्थल पर दो अप्रैल काने खैरथल में पुलिस की गोलीबारी में मृतक पवन जाटव को श्रद्धांजलि देने के लिए सभा के आयोजन का ऐलान किया। समारोह में एससी, एसटी संगठनों के साथ, अल्पसंख्यक मेव समाज, मीणा समाज व अन्य पिछड़ा वर्ग के संगठन भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम में आए भारतीय भिक्खू संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भदंत आनंद महास्थिवर ने राम रहिम का नाम लेते हुए कहा कि भगवान की तरह पूजने वाले व्यक्ति के सामने राज्य और देश की सरकारों के नुमाइंदे सिर झुकते थे। आसाराम के संत मानते हुए उनके पास भी देश के मंत्री व राजनेता जाते थे। पर ये थे क्या? इनमें संवैधानिक या अवैधानिक का निर्णय आप करें। उन्होंने यह भी कहा कि देश में 50 लाख ऐसे संगठन है जो अंबेडकर के नाम पर अपने ही लोगों का शोषण कर रहे हैं। ये विभिन्न दलों के दलाल बनकर अपने ही लोगों का शोषण कर रहे है। उन्होंने कहा की तलवार के बल पर कोई किसी को गुलाम नहीं बना सकता है। उन्होंने कहा कि अडवानी जब रथ निकाले तो संवैधानिक और दलित प्रदर्शन करे तो असंवैधानिक होता है। अब समाज को एकजुट होना होगा। अहिंसक आंदोलन चलाना होगा।
जिला मेव पंचायत के संरक्षक शेर मोहम्मद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पास न बीवी है न बेटी है। इसलिए वे देश में महिलाओं पर ज्यादती जैसी घटनाओं को लेकर व्यथित नहीं है। दलित समाज के साथ अल्प संख्यक समुदाय भी आ गया है तो सरकार घबराने लगी है।
हरियाणा से आई समाजसेविका कांता आलडिय़ा ने कहा कि दलित समाज को सारी पार्टियों का पीछा छोड़ देना चाहिए। इनमें दलितों के नाम पर राजनीति करने वाले दलाल बैठे हैं। वक्त आ गया है कि इन दलाल नेताओं से हम हिसाब लेने के लिए जागना होगा। अबकी बार न कांग्रेस न भाजपा की सरकार, अब बनाओ बाबा सरकार बनाने की शुरुआत करें। एमपी से आए लाखन सिंह बौद्ध ने कहा कि अपने आपको दलित कहना छोड़े। प्रधानमंत्री मोदी 56 इंच के सीने की बात करते हैं तो हमारे पास भी अब 80 इंच का सीना है। हम शोषण को बर्दाश्त नहीं करेंगे। एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे। मीणा समाज की ओर से सरस डेयरी के चेयरमैन बन्नाराम मीणा ने कहा कि दलितों पर अत्याचार को सहन नहीं किया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा में मीणा समाज भी सहयोग करेगा।
मंच के संयोजक सूरज मल कर्दम ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन जारी रहेगा। 21 अप्रैल को अब श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। दलित समाज इसमें अपने अधिकारों की मांग रखेगा। समारोह में भदंत नागराज महाथेरा, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष टीका राम जूली, सुभाष भारती, नगर परिषद में प्रतिपक्ष के नेता नरेंद्र मीणा, दाउदपुर मदरसे के मौलाना अमजद, गोपाल दास खटीक, निहाल सिंह, केएल सिरोही, रिंकी वर्मा सहित अन्य ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की गई।
अलवर. विजय नगर मैदान में अंबेडकर जयंती समारोह में विचार व्यक्त करते भदंत आनंद महास्थिवर।
ये मांग रखी मंच के संयोजक कर्दम ने
1. खैरथल में 2 अप्रैल को पुलिस की गोली से मरे पवन जाटव को शहीद का दर्जा मिले।
2. दो अप्रैल को जेल में बंद किए गए लोगों को शौर्य चक्र मिले।
3. जिला कलेक्टर व एसपी का तबादला हो।
4. खैरथल थाना प्रभारी व एनईबी थाना प्रभारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 व 307 के तहत मामले दर्ज हो।