मृत मवेशियों की दुर्गंध से छात्रावास की छात्राओं के स्वास्थ्य को खतरा
पिनान | कस्बे के आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रदूषित वातावरण का खतरा मंडराने लगा है। ग्राम पंचायत की ओर से मुर्दा मवेशियों की जगह चिन्हित नहीं होने से लोग मृत मवेशियों को सरकारी दफ्तरों के पिछवाड़े सहित मनचाही जगहों पर पटकने में नहीं चूक रहे हैं। हालात यह है कि कस्बे में संचालित शारदे आवासीय बालिका छात्रावास, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के चारों ओर खुले शौच की दुर्गंध तो है ही साथ ही लोग इन विद्यालयों के पास खुले मैदान में मृत मवेशियों को फेंका जा रहा है। शारदेय छात्रावास की छात्राओं का कहना है कि आए दिन उठती दुर्गंध के चलते भोजन करना भी दूभर हो रहा है। साथ ही छात्राओं में संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। उधर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के मुख्य दरवाजे के पास कीचड़ युक्त पानी, पिछवाड़े में खुले शौच की दुर्गंध नासूर बना हुआ है। इस संबंध में प्रधानाचार्य हरि सिंह मीणा का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार स्थानीय ग्राम पंचायत को अवगत कराया जा चुका है लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आए दिन छात्राएं बीमारी हालत में रहती हैं। उधर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक तारा मीना का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार स्थानीय सरपंच को अवगत कराया गया था लेकिन ध्यान नहीं दिए जाने पर 20 फरवरी को राजगढ़ उपखंड अधिकारी को लिखित शिकायत पत्र देकर विद्यालय क्षेत्र के अतिक्रमण को हटाने की मांग की गई है। वर्तमान में समस्या जस की तस बनी हुई है। सरपंच बिरजू राम मीणा का कहना है कि मृत मवेशियों के लिए ग्राम पंचायत के पास जगह नहीं है ना ही जगह चिन्हित है। ग्राम पंचायत के पास मुर्दा मवेशियों का टेंडर भी नहीं है। लोग अपनी सुविधा अनुसार मुर्दा मवेशियों को डाल रहे हैं।