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डंपिंग यार्ड के कचरे में 24 घंटे सुलगती रहती है आग, बेकाबू होने पर बुझाने पहुंचती हैं दमकल
नगर परिषद की मॉनिटरिंग में खामियों के कारण गोलेटा डंपिंग यार्ड के कचरे में ठेकेदार के कर्मचारी लगातार आग लगा रहे हैं। तेज हवा से कचरे में फैली आग बेकाबू होने पर बुझाने के लिए भी नगर परिषद की दमकल ही पहुंच रही हैं। ये दमकल साल में करीब 10 से 15 बार कचरे की आग बुझाने यहां पहुंचती हैं, क्योंकि नप की ठेकेदार पर लगाम लगाने में नाकामी के कारण कचरे में 24 घंटे आग सुलगती रहती है। पिछले साल कचरे में लगी आग ने आबादी क्षेत्र के एक घर को भी चपेट में ले लिया था, लेकिन समय पर पहुंची दमकल ने आग को बुझा दिया। हालात ये हैं कि कचरे में आग से आसपास की करीब ढाई हजार की आबादी के लोग भयभीत रहते हैं। गोलेटा, सैयद कॉलोनी, घेघोली, कंजरबास सहित आसपास की बस्तियों के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। तेज हवा और अंधड़ के साथ उड़ती आग की चिंगारियों के कारण आबादी में आग लगने का डर बना रहता है। कचरे की आग नगर परिषद की दमकलों के बुझाने के बावजूद अधिकारियों काे पता तक नहीं हैं, जबकि अग्निशमन केन्द्र के रजिस्टर और दमकल की लॉगबुक में इसकी एंट्री है। इसकी पुष्टि अग्निशमन केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आग लगाने का कई बार विरोध भी किया ताे नप के अधिकारी और कर्मचारी पुलिस बुला लेते हैं।
शहर के कचरे के कारण गांव के बच्चे और दुधारू पशु भी बीमार हो रहे हैं। यहां हर समय मच्छर और मक्खियां मंडराती रहती हैं। जब भी विरोध करते हैं, ताे पुलिस बुलाकर डराते हैं। -रवीना, घेघोली
मृत पशुओं को डालने से दुर्गंध
नगर परिषद ठेकेदार की ओर से शहर में मृत पशुओं को भी गोलेटा के डंपिंग यार्ड में कचरे के साथ ही डाला जा रहा है। मृत पशुओं की दुर्गंध के कारण यहां लोगों का जीना दूभर हो गया है, क्योंकि न तो डंपिंग यार्ड की चारदीवारी है और न ही कचरे पर कीटनाशक का छिड़काव हो रहा है। बारिश के दिनों में गंदगी और मृत पशुओं की दुर्गंध ज्यादा बढ़ जाती है। गंदगी के कारण यहां मक्खी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे महामारी फैलने का खतरा बना रहता है।
कचरे और मृत पशुओं की दुर्गंध के कारण घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। कचरे में आग लगाकर जेसीबी से बिखेरते रहते हैं। ऐसी स्थिति में शहर के कचरे ने ग्रामीणों को नरक में रहने को मजबूर कर दिया है। -जैकम खान, घेघोली
डंपिंग यार्ड में ठेकेदार ही कचरे में आग लगवा रहा है। जब आग ज्यादा फैल जाती है और आबादी के मकानों में आग लगने का खतरा रहता है तो सूचना पर नगर परिषद की दमकल बुझाने जाती हैं। जब भी सूचना आती है, सुरक्षा के कारण दमकल आग बुझाने भेजी जाती है। -बबूर मीणा, दमकल अधिकारी, अग्निशमन केंद्र, अलवर
कचरा जलाने पर ठेकेदार को नोटिस, पैनल्टी भी लगाई
भास्कर संवाददाता | अलवर
नगर परिषद ने गोलेटा डंपिंग यार्ड में कचरे में आग लगाकर वातावरण को प्रदूषित करने वाली ठेकेदार फर्म त्रिमूर्ति एंटरप्राइजेज को नोटिस जारी किया है। कचरे में आग लगाने पर ठेकेदार पर पेनल्टी लगाई जाएगी। ठेकेदार पर अंबेडकर डंपिंग स्टेशन से समय पर कचरा नहीं उठाने पर 5 हजार रुपए की पेनल्टी लगा दी गई है। नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक विजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने गोलेटा कचरा डंपिंग यार्ड और अंबेडकर नगर डंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। दैनिक भास्कर में डंपिंग यार्ड में रोजाना जलाया जा रहा 140 टन कचरा, 350 बच्चों का भविष्य खतरे में शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया और डंपिंग यार्ड के तुरंत निरीक्षण के निर्देश दिए गए। मुख्य सफाई निरीक्षक शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान ठेकेदार की ओर से डंपिंग यार्ड के कचरे में आग लगाना पाया गया है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है। ठेकेदार कचरे पर कीटनाशक का छिड़काव भी नहीं कर रहा है। वहीं अंबेडकर नगर डंपिंग स्टेशन से कचरा भी समय पर नहीं उठा रहा है। डंपिंग यार्ड की निरीक्षण रिपोर्ट नगर परिषद आयुक्त को सौंप दी है। आयुक्त संजय शर्मा ने रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार फर्म को नोटिस दिया है। अब कचरे में आग लगाने की निगरानी के लिए डंपिंग यार्ड में एक जमादार लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ठेकेदार को मच्छर व मक्खियों के प्रकोप पर अंकुश लगाने के लिए कचरे पर कीटनाशक छिड़काव के निर्देश भी दिए हैं।
डंपिंग यार्ड में जमादार रखेगा निगरानी, मुख्य सफाई निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने किया डंपिंग यार्ड का निरीक्षण