पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

शांत अलवर में हुआ पहली बार

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शांत अलवर में हुआ पहली बार
इंटरनेट बंद
अलवर. प्रदेश में शांत समझे जाने वाला अलवर जिला भी नेटबंदी की श्रेणी में आ गया है। 2 अप्रैल को हुए भारत बंद के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने इसे बड़ा हथियार बनाकर काम में लिया। 2018 में जिले में पहली बार अप्रैल माह में 34 घंटे इंटरनेट बंद रहा।

इंटरनेट बंद कब-कब
34 घंटे इंटरनेट बंद रहा 2018 में जिले में। अप्रैल 2018 में 2 अप्रैल दोपहर 2 बजे से 3 अप्रैल की रात 12 बजे तक इंटनेट बंद रहा।

पहली बार शांत साम्प्रदायिक सद््‌भाव बनाए रखने के लिए बंद रखा गया इंटरनेट

6485 करोड़ रु. का नुकसान होता है नेटबंदी से हर साल देशभर में।

7500 से ज्यादा ब्रॉडबैंड यूजर हैं, इन्हें नेटबंदी से बाहर रखा जाता है।

नए नियम क्या
राज्य के गृह सचिव के आदेश के बाद इंटरनेट पर पाबंदी लगाई जा सकती है। उनकी अनुपस्थिति में संयुक्त सचिव आदेश जारी कर सकते हैं, लेकिन 24 घंटे में गृह सचिव की सहमति लेनी होती है।

यह भी गलत : इंटरनेट बंद करने के लिए धारा 144 का बढ़ता उपयोग चिंता का कारण है। यह स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के प्रत्यक्ष उल्लंघन के बराबर है।

15 लाख से ज्यादा मोबाइल यूजर हैं अलवर जिले में

डिजायन : सुनील सैन

खबरें और भी हैं...