दुष्कर्म के आरोपी ने जेल में फांसी लगाई
परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
अलवर| यहां केंद्रीय कारागृह में शनिवार दोपहर विचाराधीन कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हल्दीना गांव निवासी 27 वर्षीय गोपेश शर्मा उर्फ गोपी अक्टूबर 2017 से दुष्कर्म के मामले में जेल में था। परिजनों ने गोपेश की हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया है। पिता विश्राम दत्त शर्मा का आरोप है कि उसे झूठे केस में फंसाया गया था। दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली लड़की के भाई से उसका लेन-देन का मामला था। जेल अधीक्षक सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि गोपेश ने जेल में लोई को काटकर रस्सी बना ली। बैरक की सलाखों से ऊपरी हिस्से से इस रस्सी को बांधकर फंदा लगा लिया। फंदे पर लटकते देखकर गोपेश को साथी कैदियों ने नीचे उतारा। घटना का पता लगने के बाद जेल के अधिकारी बैरक में पहुंचे। उस समय तक अचेत रहे कैदी गोपेश को तुरंत जेल डिस्पेंसरी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय भेज दिया गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाल राजवीर सिंह चंपावत ने बताया कि परिजनों द्वारा शव नहीं लेने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। परिजन जेल में रस्सी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।