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दौलेवाला और हुसैनपुरा में आग से 120 एकड़ गेहूं राख

3 वर्ष पहले
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बैसाखी पर्व पर गांव दौलेवाला व हुसैनपुरा के खेतों मे आग लगने से 120 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है। आसपास के गांवों के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग का पता चलते ही सिविल व पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

शनिवार को गांव मंनवी से दौलेवाल जाती सड़क पर एक खेत में आग लग गई, जोकि आस पास की फसल को अपनी चपेट में लेती गई। आग का पता चलते ही गांवों में अनाउसमेंट कार्रवाई गई जिसके बाद लोग ट्रैक्टर लेकर खेतों में पहुंच गए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस आग में मनप्रीत सिंह की 16 एकड़, शमशेर सिंह की 15 एकड़, जोगिंदर सिंह की 3 एकड़, बलवंत सिंह की 50 एकड़, सपिंदर सिंह की 8 एकड़, मनजीत सिंह की 12 एकड़ गेहूं की फसल जल कर राख हो गर्ई। पीड़ित किसानों ने पंजाब सरकार से मुआवजे की मांंग की है। नायब तहसीलदार बहादर सिंह का कहना है कि जली फसल का सर्वे करवाकर सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।(दुगल)

आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया

रामगढ़ गुजरां में स्पार्किंग से ट्रैक्टर-ट्राॅली सहित तीन एकड़ नाड़ जला

मूनक| गांव रामगढ़ गुजरां में तूड़ी बनाते समय ट्रैक्टर में स्पार्किंग होने से ट्रैक्टर-ट्राॅली सहित 3 एकड़ नाड़ जलकर राख हो गया है, जबकि ट्रैक्टर चालक बाल बाल बच गए। किसान बलकार सिंह कापरेट सोसायटी मंडवी का ट्रैक्टर किराये पर लेकर गुजरां के किसान रामफल के खेतों मे तूड़ी बना रहा था, कि अचानक ट्रैक्टर से स्पार्किंग होने के कारण ट्रैक्टर को आग लग गई। पता चलते ही आस पास के खेतों मे काम कर रहे किसान बड़ी संख्या मे पहुंच गए। उन्होंने दूसरे ट्रैक्टरों की मदद से आग पर काबू पाया परंतु तब तक 3 एकड़ नाड़ जल चुकी थी। पूर्व सरपंच सुरिंदर सिंह व सीता सिंह ने कहा कि फायर ब्रिगेड न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। यदि शहर में फायर ब्रिगेड की गाड़ी होती तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता था।

आज और कल बरसात व आंधी की चेतावनी|संगरूर| दो दिन की बरसात के बाद अभी गेहूं की फसल पूरी तरह से सूखी भी नहीं है कि खेतीबाड़ी विभाग की 16 और 17 अप्रैल को बरसात और आंधी की चेतावनी ने क्षेत्र के किसानों की नींद उठा दी है। ऐसे में कृषि विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि सूख चुकी गेहूं की फसल को काटने में दरी न करें। यदि फसल काटी जा चुकी है तो उसे खुले आसमान में रखने के बजाय अच्छे ढंग से ढकने का प्रबंध कर लें। विभाग के अनुसार यदि दो दिन की बरसात और आंधी की संभावना सही रहती है तो किसानों की तैयार फसल को बचाना मुश्किल होगा। -विस्तृत पेज 4 पर...

गेहूं काट रही कंबाइन बिजली की तारों से टकराई, शाॅर्ट सर्किट से 2 एकड़ फसल जली

बरनाला से धौला फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब आधे घंटे में पहुंची

भास्कर संवाददाता| तपा

जिले के गांव धोला में गेहूं काट रही कंबाइन का ऊपरी हिस्सा बिजली की तारों से लगने के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे 2 एकड़ गेहूं और 7 एकड़ तूड़ी राख हो गई। बरनाला से धौला फायर ब्रिगेड करीब आधे में पहुंची। पिछले सीजन के दौरान भी गेहूं की सैकड़ों एकड़ फसल जलकर राख हो गई थी, तब भी किसानों ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी को शहर से बाहर खड़ी करने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण किसान का करीब 50 से 60 हजार का नुकसान हो गया।

गांव धोला के पंच घनश्याम ने बताया कि उनके गांव के जगसीर सिंह किसान की करीब 7 एकड़ जमीन पर गेहूं की फसल थी, इसमें से 5 एकड़ गेहूं की फसल वह कल काट चुके थे। 2 एकड़ फसल को वह कंबाइन से काट रहे थे। दोपहर करीब 3 बजे खेत के ऊपर से गुजरने वाली हाई वोल्टेज बिजली की तारों से कंबाइन टकरा गई, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। पीड़ित को मुआवजा देने की मांग उठाई गई है।

बरनाला के धोला गांव में आग बुझाने के लिए भागते हुए लोग।

समस्या : जिले में फायर ब्रिगेड की सिर्फ तीन गाड़ियां

जिले में केवल तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हैं। जो बरनाला शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाके में रुकती हैं। अगर शहर के बाहर घटना हुई तो उन्हें शहर से निकलने में ही 15 से 20 मिनट लग जाते हैं। जिले में करीब दो शहर, 5 कस्बे, 178 गांव हैं। जिनमें करीब ढाई लाख हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की खेती हुई है। इस मौसम में गेहूं सूखी होने के कारण उस पर आग का खतरा मंडराता रहता है, लेकिन प्रशासन ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। जिससे चलते हर साल सैकड़ों एकड़ फसल राख हो जाती है। किसान हर बार बरनाला के अलावा तपा, महल कला, भदौड़ आदि में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां खड़ी करने की मांग करते हैं।

अधिकारियों को भेजकर करवाएंगे जांच : एसडीएम

तपा के एसडीएम संदीप कुमार ने कहा कि वह मौके पर अधिकारियों को भेजकर मामले की गहराई से जांच करवाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान की नियमों के अनुसार सहायता होगी।

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