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बेलगढ़ जोन में फायरिंग: 21 दिन बाद पूर्व मंत्री निर्मल सिंह की जमानत मंजूर, रिहाई आज

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | अम्बाला/यमुनानगर

बेलगढ़ में फायरिंग मामले में 21 दिन से जेल में बंद पूर्व राजस्व मंत्री निर्मल सिंह की जमानत याचिका अदालत ने मंजूर कर ली है। जमानत के दौरान बचाव व अभियोजन पक्ष के बीच खूब बहस हुई। आखिर बचाव पक्ष की ठोस दलीलों को सही मानते हुए सेशन जज चंद्रशेखर ने पचास हजार के मुचलके पर पूर्व मंत्री निर्मल सिंह को रिहा करने के आदेश दे दिए हैं।

दस्तावेजी कार्रवाई में देरी होने के कारण अब जेल से निर्मल सिंह गुरुवार को ही रिहा हो सकेंगे। जमानत मंजूर होने के बाद पूर्व मंत्री की बेटी एवं अम्बाला नगर निगम की पार्षद चित्रा सरवारा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उनके पापा को साजिश के तहत फंसाया गया है। इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। पापा को सियासी नुकसान पहुंचाने के लिए ये केस दर्ज करवाया गया है।

पूर्व राजस्व मंत्री निर्मल सिंह।

फायरिंग में पूर्व मंत्री ने इसूजू गाड़ी इस्तेमाल की: सरकारी वकील

वह गाड़ी उस दिन दिल्ली में थी, हमारे पास टोल पर्चियां : बचाव पक्ष

जमानत याचिका पर बचाव व अभियोजन पक्ष में इस तरह चली बहस

निर्मल ने फायरिंग की, इसूजू गाड़ी का इस्तेमाल हुआः सरकारी वकील

यह गाड़ी तो दिल्ली में थी, पूर्व मंत्री मौके पर थे ही नहींः बचाव पक्ष

दिग्विजय खुराना (निर्मल का वकील)-मेरे मुवक्किल पर दर्ज केस झूठा है। साजिश के तहत झूठे केस में फंसाया गया।

सरकारी वकील- परिवादी पर पूर्व मंत्री ने फायरिंग की है। हमारे पास इसके ठोस सबूत हैं।

खुराना-जिस जमीन पर झगड़ा दिखाया गया है वह मेरे मुवक्किल की प्राइवेट लैंड है, उस पर स्टड फार्म बना हुआ है।

सरकारी वकील-वो प्राइवेट लैंड नहीं है। दस्तावेजों में सरकारी गोहर है। आरोपी ने उस पर जबरन कब्जा किया हुआ है। खुद पूर्व मंत्री ने अपनी गन से परिवादी पर गोली चलाई। फायरिंग के कारण मशीन का एक टायर फट गया। शीशा भी टूट गया।

खुराना-फायरिंग में कोई जख्मी नहीं हुआ। अर्थ मूविंग मशीन के टायर फटने व शीशा टूटने की भी दूसरी वजह है। सारे आरोप झूठे हैं।

सरकारी वकील-फायरिंग के समय पूर्व मंत्री ने अपनी काले रंग की इसूजू गाड़ी का इस्तेमाल किया था। हमारे पास इसके सबूत हैं।

खुराना-सर, जिस गाड़ी का इस्तेमाल वारदात में होने की बात कही जा रही है उस दिन वह दिल्ली में थी। हमारे पास टोल की पर्चियां हैं। फायरिंग के दौरान परिवादी व सहयोगियों के साथ मौके पर ही था, जबकि मेरा मुवक्किल मौके पर नहीं था। फिर भी जांच में उसने पुलिस को पूरा सहयोग किया।

सरकारी वकील-पूर्व मंत्री ने खुद फायरिंग की। जिस कारण परिवादी को सहयोगियों के साथ जान बचाकर भागना पड़ा था।

ये था मामला : 24 अप्रैल को बेलगढ़ में रास्ते को लेकर स्क्रीनिंग प्लांट संचालक करण सिंह का पूर्व मंत्री निर्मल सिंह से टकराव हो गया था। रास्ते पर खाइयां खुदवा दी गई थी। एक पंचायत के बाद स्क्रीनिंग प्लांट मालिक ने अर्थ मूविंग मशीन से उन खाइयों को भरवा दिया गया। इसी वजह से टकराव बढ़ गया था। करण सिंह ने पूर्व मंत्री व सहयोगियों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री निर्मल सिंह समेत कई सहयोगियों पर हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर पूर्व मंत्री को गिरफ्तार कर लिया था।

यह पूरा केस ही झूठा है, इसके पर्याप्त सबूत हैं। अदालत के सामने भी उन सबूतों को रखा गया है। अदालत ने हमारी दलीलों को सही ठहराया है। कानूनी लड़ाई में मेरे मुवक्किल निर्दोष साबित होंगे। दिग्विजय सिंह खुराना, पैरवीकार बचाव पक्ष

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