स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गुरुवार को कैंट के फारुखा खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शहीद भगत सिंह ब्रिगेड द्वारा स्थापित शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उनके साथ शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पौत्र एवं भगत सिंह ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष यादविंद्र सिंह संधु भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। विज ने फारुखा खालसा स्कूल और शहीद भगत सिंह ब्रिगेड के इन प्रयासों की सराहना की। स्कूल प्रबंधन समिति को अपने स्वैच्छिक कोष से 10 लाख का अनुदान देने की घोषणा की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद देशवासियों को मिल गई हमें आजादी बिना खडग-बिना ढाल का गीत रटवाकर एक सोची-समझी साजिश के तहत देश के उन हजारों शहीदों की कुर्बानियों को नजरअंदाज किया गया है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश के नाम समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर अब तक देश में आरंभ की गई परियोजनाओं में से 95 प्रतिशत परियोजनाओं का नामकरण गांधी और नेहरू परिवार के नाम से किया गया है, जबकि आजादी के संघर्ष में शहादत देना तो दूर, इन परिवारों के किसी सदस्य ने जेल का दरवाजा तक नहीं देखा।
विज ने कहा कि हरियाणा सरकार ने युवा पीढ़ी को शहीदों के जीवन दर्शन से जोड़ने के लिए प्रदेश में प्रतिवर्ष 23 मार्च को शहीदी दिवस के अवसर पर 1 करोड़ रुपए के इनाम का भारत केसरी दंगल आयोजित करने की परम्परा आरंभ की है
शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पौत्र यादविंद्र सिंह संधु ने कहा कि शहीदों को नजरअंदाज करने वाले इतिहास में नया इंकलाब लाने के लिए भगत सिंह ब्रिगेड ने एक आंदोलन शुरू किया है। इस जन-जागरण आंदोलन के माध्यम से जहां युवाओं को शहीदों के जीवन दर्शन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं देश के राजधानी में राष्ट्रीय स्तर के शहीद संग्रहालय की स्थापना का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
कैंट फारुखा खालसा स्कूल में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण करते अनिल विज व यादविंद्र सिंह, (दाएं ) डांस करती छात्राएं।