महिलाओं का यौन शोषण रोकने को संस्थान में शिकायत कमेटी गठित करना जरूरी: वीरेंद्र
महिला एवं बाल विकास विभाग ने मंगलवार को सिटी के पंचायत भवन में कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन शोषण अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता एसडीएम सतेंदर सिवाच ने की। एसडीएम ने कहा कि प्रत्येक ऐसा सरकारी, अर्द्ध सरकारी और प्राइवेट संस्थान या कार्यालय जहां दस या इससे अधिक कर्मचारी हैं, उनमें कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन शोषण रोकने के लिए बनाया गया अधिनियम 2013 के तहत अंतरिम शिकायत कमेटी गठित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यालय अथवा संस्थान में कोई महिला कर्मी कार्यरत नहीं है, उस स्थिति में भी यह कमेटी बनाना जरूरी है। कमेटी में एक महिला सदस्य को भी शामिल करना जरूरी है। यह महिला सदस्य किसी अन्य कार्यालय से भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर डीसी की देखरेख में कमेटी का गठित करने का प्रावधान किया गया है। जो कार्यालय कमेटी की सिफारिश पर अंतिम निर्णय लेती है। उन्होंने कहा कि अम्बाला में जिला स्तरीय कमेटी के चेयरमैन समाज सेवी और महिला कल्याण क्षेत्र में कार्यरत डॉ. प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में गठित की गई है। इसमें डॉ. बलविंद्र कौर, एडवोकेट सुरजीत कौर सहित एक पुरुष अधिकारी को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि अब तक 25 विभागों में इस तरह की कमेटियां गठित की जा चुकी हैं। एसडीएम ने निर्देश दिए कि जिला में सरकारी, अद्र्धसरकारी और गैर सरकारी सभी संस्थान एक सप्ताह में इस तरह की कमेटियों का गठन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर महिला का बयान ही पर्याप्त माना जाएगा और उसके लिए अलग से किसी गवाही की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव व मोहल्ले स्तर पर महिलाओं को इस अधिनियम के प्रति जागरूक करें।
सिटी के पंचायत भवन में आयोजित बैठक काे संबोधित करते एसडीएम।