नगर निगम भंग होने से रुक जाएगा विकास : चित्रा सरवारा
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की सचिव एवं सोशल मीडिया इंचार्ज चित्रा सरवारा ने मंगलवार को नगर निगम अम्बाला सदर कार्यालय के गेट के बाहर पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की। चित्रा ने कहा कि मौजूदा सरकार नगर निगम को भंग करना चाहती है, लेकिन सरकार में मौजूद नेता यह नहीं जानते कि यदि निगम भंग होता है तो कितने युवाओं व लोगों के रोजगार छीन जाएंगे। अम्बाला का विकास रुक जाएगा, कई ग्रांट बंद हो जाएंगी, केवल अपने अहम के लिए निगम को भंग करवाने का फैसला लेने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
भाजपा सरकार के विधायक व मंत्री हर मामले में झाड़ू हाथ में लेकर स्वच्छता का नारा देते हैं, लेकिन अब पिछले कई दिनों से कर्मचारी हड़ताल पर हैं तो मंत्री व विधायक खुद झाड़ू लगाकर कर शहर को स्वच्छ रखने के लिए आगे क्यों नही आते। मात्र नारे देने से शहर को स्वच्छ नहीं रखा जा सकता। चित्रा ने कहा की स्वच्छ भारत की मुहीम चलाने वाली सरकार स्वच्छ भारत के विज्ञापन पर तो करोड़ों खर्च करने को तैयार है परंतु जो कर्मचारी सफाई कार्यों में लगे हैं उनके हितों को लेकर कोई कार्यवाही नहीं कर रही। उन्होंने कर्मचारियों से वायदा किया कि सत्ता में आने के बाद किसी कर्मचारी को अपने काम के लिए आने की जरूरत नहीं होगी उनकी समस्या का हल खुद ही हो जाएगा और इस समय में कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। चित्रा सरवारा ने कहा कि जब किसी नेता में अहम आता है तो जनता उससे दूर होना शुरू को जाती है। इसलिए हर जनप्रतिनिधि को जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए। जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह जनता की समस्याएं हल करवाए। सरकार को आम आदमी तभी चुनता है ताकि सरकार बनने के बाद आम आदमी के लिए पॉलिसी बनाए। निगम में जनप्रतिनिधि को कोई भी फैसले लेने का अधिकार नहीं है जबकि आफिसर जनता के सेवक हैं। पिछले दिनों एससीएसटी एक्ट को लेकर फैसला आया और समाज के लोग अपने अधिकारों को लेकर चिंतित हो गए। ऐसे में सरकार का दायित्व बना था कि सरकार समाज के लोगों के हितों के बारे में सोचे और संविधान लाकर भावनाओं को मजबूत करे।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन में बदल जाएगी हड़ताल, पूर्व प्रधान शासन ने भी दिया समर्थन
अम्बाला सिटी| सातवें दिन भी नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी हरियाणा की हड़ताल जारी रही। इसकी अध्यक्षता नगर निगम के जिला प्रधान प्रदीप मचल ने की। मचल ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के नेताओं को बुलाकर जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों का हल करें। इस दौरान निगम के पूर्व प्रधान हरीश शासन ने कर्मचारी संघ को अपना समर्थन दिया। प्रदीप मचल ने बताया कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो आंदोलन विकराल रूप ले लेगा जिसकी सारी जिम्मेवारी हरियाणा सरकार की होगी। जिला सचिव राजेन्द्र कुमार ने कहा कि फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों की छंटनी पर रोक लगाते हुए ठेकेदार के पास लगे कर्मचारियों की नियमित रूप से भर्ती करें और जो खाली पद हैं, जल्द भरा जाए। नगरपालिका कर्मचारी संघ की हड़ताल के समर्थन में सर्वकर्मचारी संघ ने डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सर्वकर्मचारी संघ से प्रदेश प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना व राज्य ऑडिटर सतीश सेठी, जिला सचिव कमलजीत बख्तुआ, जिला प्रधान राम गोपाल के नेतृत्व में उपस्थित रहे। पीडब्ल्यूडी मैकेनिक वर्करों के प्रधान अशोक कुमार व हरियाणा रोडवेज से हरमेश पाई भी उपस्थित रहे।
कैट के नगर निगम में कर्मचारियो को सम्बोधित करती आखिल भारतीय महिला कांग्रेस की सचिव चित्रा सरवारा ।
नगरपालिका के गेट के बाहर बैठे कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए पहुंचे बसपा नेता।
बसपा का नपा कर्मचारियों को समर्थन
नारायणगढ़| नगरपालिका गेट पर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों को समर्थन देने आए हरियाणा बसपा के प्रदेश प्रभारी नरेश सारण ने कहा कि वह सफाई कर्मचारियों की इस हक लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि बसपा-इनेलो हमेशा से दलितों का साथ देती आई है और पार्टी ने हमेशा दलितों के हक के लिए लड़ाई लड़ी है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पक्का किया जाए। नपा ने कर्मचारियों को काम पर लौटने के जो नोटिस दिए थे, उन्हें चौराहे पर जलाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी जाने का कोई डर नहीं। जब तक मांगें नहीं मानी जाती वापस काम पर नहीं जाएंगे। इस अवसर पर आशा पठानिया, राजेश सैनी, प्रकाश सिंह पाखी, गुरमुख सिंह, जरनैल सिंह, राजेश सैनी, जगीर सिंह, ओम प्रकाश घासी, वरिष्ठ बसपा नेता व पूर्व नगरपालिका चेयरमैन नारायणगढ़ संजीव वर्मा, वरिष्ठ महाधिवक्ता व बसपा के वरिष्ठ नेता धर्मबीर ढींढसा, सतपाल व अश्वनी कुमार मौजूद थे।
अम्बाला सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा ने नपा कर्मचारी संघ का किया समर्थन, डीसी को सौंपा ज्ञापन
अम्बाला| अम्बाला सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की अम्बाला जिला कमेटी ने नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की 6 दिन से चल रही राज्यव्यापी हड़ताल का समर्थन जिला प्रधान रामगोपाल के नेतृत्व में किया। इस अवसर पर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला सचिव कमलजीत बख्तुआ, प्रदेश प्रेस सचिव इंद्र सिंह बधाना, राज्य ऑडिटर सतीश सेठी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर फायर कर्मियों सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम समान वेतन लागू करने, ठेका प्रथा पर रोक लगाने इत्यादि मांगों को लेकर की जा रही हड़ताल छठे दिन भी जारी रही। हड़ताली कर्मचारियों के होंसले बुलंद है। वह सरकार के हर दमन की कार्यवाही का करारा जवाब दे रहे हैं। हड़तालियों पर लगाए गए आवश्यक सेवा कानून “एस्मा” से बेपरवाह कर्मियों ने सर्वकर्मचारी संघ के साथ मिलकर सरकार की धमकी का जवाब उसी की भाषा में एस्मा आदेशों की प्रतियों को प्रदर्शन के दौरान जलाकर दिया। रोडवेज से प्रधान रमेश श्योकंद, सचिव महावीर पाई, बिजली विभाग से सर्कल सचिव महेश गोयल, विनोद, पशुपालन विभाग से कृष्ण सागर, राजस्व कंप्यूटर एसोसिएशन के जिला सचिव नैब सिंह आदि ने नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की हड़ताल को समर्थन देते हुए संबोधित किया।
सिटी के जगाधरी गेट पर मशाल जुलूस निकालते बिजली निगम यूनियन कर्मचारी।
मांगों के लिए कर्मचारियों ने निकाला जुलूस
भास्कर न्यूज | अम्बाला सिटी
हरियाणा पावर काॅरपोरेशन वर्कर यूनियन ने राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर हरियाणा सरकार की कर्मचारी व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जुलूस निकाला। इस दौरान रोष भी प्रकट किया गया जिसकी अध्यक्षता सर्किल सचिव हरपाल सिंह ने की। इस मौके पर महेश गोयल, गुरबचन सिंह, रामगोपाल, इंदर सिंह बधाना व कृष्ण लाल सागर भी उपस्थित रहे। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित किया। सभी नेताओं ने हरियाणा सरकारी कर्मचारी को जनविरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए अपील की कि यदि समय रहते कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन का रूप धारण कर लेगा। 20 मई को सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर सरकार के प्रतिनिधियों के निवास स्थान पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि कर्मचारी की मांगों का सरकार तीन जून तक समाधान नहीं करती तो चार जून को मुख्यमंत्री के ऑफिस पर अनिश्चितकालीन धरना किया जाएगा। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में उन्हें पक्का करना, ठेका प्रथा बंद करना, समान काम समान वेतन लागू करना, न्यूनतम वेतन लागू करना, पुरानी पेंशन बहाल करना शामिल है। इस दौरान मुख्य रूप से सतीश कालड़ा, शिवकरण, बहादुर, धर्मेंद्र, गोविंद, लखविंदर, रवि, विक्रम, अजय, सुमित व अन्य मौजूद रहे।