यूथ खालसा वेलफेयर संस्था के अध्यक्ष हरजप सिंह की अध्यक्षता में रविवार को गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में दस्तारबंदी व पंजाबी भाषा सिखाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर ओंकार सिंह ने कहा कि यूथ खालसा वेलफेयर द्वारा दस्तारबंदी व पंजाबी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए चलाया गया यह अभियान अपने किस्म का अनोखा अभियान है जिसके द्वारा सिख युवा जहां धर्म के प्रति जागरूक होंगे। वहीं पंजाबी भाषा की लोकप्रियता में भी इजाफा होगा।
उन्होंने कहा कि जो जाति व धर्म के लोग अपने विरसे व इतिहास को याद नहीं रखते वो धर्म व जातियां अपने आप को समाज मे स्थापित भी नहीं कर पाती, यूथ खालसा वेलफेयर द्वारा चलाए गए इन दोनों कार्यक्रमों से युवा वर्ग अपने विरसे से तो जुड़ेगा ही। साथ ही अपने इतिहास को भी जान पाएगा। उन्होंने कहा कि यूथ खालसा वेलफेयर संस्था सिखों की शान बन चुकी है। सैकड़ों युवाओं ने दस्तार व पगड़ी बांधना सीखी और पंजाबी का ज्ञान प्राप्त किया। युवाओं में धार्मिक जागरूकता पैदा करने और समाज भलाई के कार्यों में इन युवाओं को लगाने में इस संस्था का अहम योगदान है। प्रत्येक रविवार गुरुद्वारा पंजोरखा साहिब के मैनेजर सुखदेव सिंह के सहयोग से मुफ्त पंजाबी क्लास सुबह 8 से 9 बजे तक लगाई जाती है। वहीं हर रविवार सुबह 8.30 से 10.30 तक दस्तार व पगड़ी बांधना सिखाया जाता है। मौके पर केवी सिंह, सुरजीत सिंह, जसविंदर सिंह सलूजा, सतवंत सिंह, सरनप्रीत सिंह, बलविंदर सिंह, तरणप्रीत सिंह, मनमीत सिंह, अमरिंदर सिंह, सिमरन सिंह, गुरप्रीत सिंह, धनप्रीत सिंह, जसकरन, कर्ण सिंह, अर्जुन सिंह, अमन, परमिंदर, अरुण सिंह व सुरजीत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में दस्तारबंदी व पंजाबी सीखाने का प्रशिक्षण दिया।