जिन जातकों के कर्म अच्छे होते हैं शनिदेव उन्हें शुभफल देते हैं: संजय
भास्कर न्यूज | अम्बाला सिटी
शनि जयंती पर मंगलवार को नाहन हाउस के समीप शनिदेव मंदिर, नसीरपुर स्थित शनि धाम मंदिर में विधिपूर्वक हवन यज्ञ किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आचार्य संजय शास्त्री ने बताया कि शनि जयंती को भगवान शनि के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
शनि अमावस्या के दिन शनि भगवान से जुड़े उपाय करने से जीन में खुशियां आती हैं। इस दिन का स्वयंसिद्ध मुहूर्त है और शनि जयंती ज्येष्ठ मास की अमावस्या को मनाई जाती है। शनिदेव को न्याय के देवता कहा जाता है। क्योंकि शनि भगवान कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। शनिदेव अपने भोग काल में उन्हीं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिनके कर्म बुरे होते हैं। जिन जातकों के कर्म अच्छे होते हैं, शनि भगवान उनके साथ अच्छा ही अच्छा करते हैं। उन्होंने बताया कि शनिदेव का जन्म होने के कारण इसे शनि जन्म तिथि या शनि जयंती के नाम से जाना जाता है। संजय शास्त्री ने कहा कि इस दिन पीपल के पेड़ पर शनिदेव की मूर्ति के पास तेल चढ़ाएं या फिर उस तेल को गरीबों में दान करें। काला तिल और गुड़ चींटों को खिलाएं। इससे भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं। शनि जयंती के दिन पीपल के पेड़ में केसर, चंदन, चाल, फूल मिलाकर अर्पित करें और तिल का तेल का दीपक जलाएं।
सिटी के नाहन हाउस के शनि मंदिर में हवन करते हुए श्रद्धालु।