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नौकर ने की सास-बहू की हत्या, हुलिया बदलकर हुआ फरार, यमुनानगर रेलवे स्टेशन से किया गिरफ्तार

3 वर्ष पहले
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सुमन व राजबाला का फाइल फोटो।

भास्कर न्यूज | नारायणगढ़

गहनों के लालच में एक नौकर ने गांव हसनपुर स्थित सास-बहू की कस्सी से हमलाकर हत्या कर दी। खास बात यह है कि वारदात के बाद नौकर ने घर से सारे गहने चोरी किए। इसके बाद वह अपना हुलिया बदलकर फरार हो गया। इस दोहरे हत्याकांड का उस समय खुलासा हुआ, गुरुवार को जब मृतका की बेटी ने घर फोन किया, लेकिन वह रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद उसने पापा विनोद को फोन करके सूचित किया। तब सूचना मिलते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो फर्श पर खून से लथपथ शव मिले। पता चलते ही प्रभावित परिवार के सभी रिश्तेदार अलर्ट हो गए और हत्यारे की तलाश में निकल पड़े। कुछ देर बाद विनोद के मामा के बेटा हेमंत यमुनानगर रेलवे स्टेशन पहुंचा तो उसने नौकर की पहचान कर ली। पुलिस को सूचित करके पकड़वा दिया। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। साथ ही दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी रखवा दिया है। वारदात के समय विनोद का पालतू कुत्ता बंधा था जिस कारण हरीश आसानी से मकसद में कामयाब हो गया।

आठ माह से काम कर रहा था नौकर

मूलरूप से गोरखपुर का रहने वाला हरीश करीब आठ माह पहले विनोद के संपर्क में आया था। तभी से वह उनके घर पर काम कर रहा है। खास बात यह है कि विनोद के पास हरीश की पहचान से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं है और न ही उसके बारे कभी पुलिस को सूचित किया गया। इसके अलावा उसका कोई फोटो भी परिवार के पास नहीं था। उसे कामकाज के लिए घर पर रखा गया था।

फायदा उठाकर कस्सी से किया कत्ल, नहीं सुनी आवाज

विनोद शर्मा पेशे से अध्यापक हैं और वह अपनी मां 75 वर्षीय राजबाला, प|ी सुमन, बेटी निधि व बेटे आशीष के साथ घर पर रहते हैं। गुरुवार सुबह विनोद अपने काम पर चले गए। पीछे से बेटी भी अम्बाला कॉलेज में आ गई और बेटा भी निजी काम से बाहर चले गया। लिहाजा पहले से प्लान कर चुके हरीश ने करीब दस बजे के आसपास कस्सी उठाई और पहले राजबाला पर हमला किया। जोरदार हमले के साथ राजबाला लहूलुहान होकर फर्श पर गिर गई। शोर सुनते ही सुमन मौके पर पहुंची तो हरीश ने उस पर भी हमला कर दिया। यही नहीं हरीश ने उसे संभलने तक का मौका नहीं दिया। इसके बाद उसने दोनों पर दोबारा हमला करके मौत के घाट उतार दिया। फिर शवों को कमरे में बंद करके गहने चोरी किए। चूंकि विनोद का घर गांव से दूर खेतों में है, इसलिए किसी ने उनके चीखने-चिल्लाने की आवाज नहीं सुनी।

कॉलेज के बाद बेटी ने किया फोन

बेटी निधि ने कॉलेज जाने के बाद अपनी मां सुमन के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन कई रिंग जाने के बाद भी फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर उसने अपने पापा विनोद को फोन करके बताया कि मम्मी फोन नहीं उठा रही। तब विनोद के फोन करने पर भी फोन रिसीव नहीं हुआ तो उसने गांव में अपने एक जानकार को फोन करके घर पर मैसेज देने की बात कही। जब वह विनोद के घर पहुंचा तो उसने फर्श पर खून से लथपथ शव देखे। उसी समय विनोद को फोन करके जानकारी दी। लिहाजा सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

फिर हुलिया बदलकर हुआ फरार| हरीश ने वारदात से पहले लंबी दाढ़ी और बड़े-बड़े बाल रखे हुए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे ने अपने बाल और दाढ़ी कटवा दी और क्लीन शेव हो गया। यही नहीं उसने अपने खून से लथपथ कपड़े भी मकान के पास फेंक दिए।

नारायणगढ़. नारायणगढ़ के गांव हसनपुर में हुई मर्डर में घटना स्थल का मुआयना करती डॉग स्कवायड की टीम।

अलर्ट हुआ परिवार और पकड़ लिया हरीश

सूचना मिलते ही विनोद का पूरा परिवार अलर्ट हो गया। चूंकि नौकर घर पर नहीं था, इसलिए शक की सुई उसकी तरफ घूमी। पता चलते ही रिश्तेदार भी हरीश की तलाश में इधर-उधर निकल पड़े। क्योंकि हरीश वारदात के बाद ट्रेन से फरार हो सकता था, इसलिए उन्होंने बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर तलाश शुरू की। इसी बीच यमुनानगर में रहने वाले विनोद के मामा के बेटे हेमंत ने उसे रेलवे स्टेशन पर पहचान लिया और पकड़ लिया। अब उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

गैंगवार में गई एक अौर जान

बराड़ा से किडनैप 25 साल के विवेक का शव डेराबस्सी में मिला लगी थी 6 से ज्यादा गोलियां

भास्कर न्यूज | बराड़ा

डेराबस्सी से 6 किमी दूर समगोली लिंक रोड पर मीट प्लांट के पीछे 25 साल के विवेक राणा का शव गोलियों से छलनी हुआ मिला। विवेक गांव कोड़ी बाबरी, शामली जिला मुजफ्फरनगर का रहने वाला था। विवेक को बराड़ा के पास से कुछ दिन पहले युवकों ने कार में किडनैप कर लिया था। विवेक आरके (राहुल खट्टा) ग्रुप का सदस्य था, जबकि हत्यारों में एमआर (मोनू राणा) ग्रुप के सरगना मोनू राणा समेत सात सदस्यों का नाम है। हत्या के पीछे ग्रुपबाजी के दौरान पुरानी रंजिश मानी जा रही है। विवेक का शव सुबह करीब 8 बजे मिला। खेतीबाड़ी वाले परिवार में विवेक राणा इकलौता बेटा था, जबकि उसकी एक शादीशुदा बहन है। यूपी में हुए कई लड़ाई-झगड़ों में उसका नाम है। वह बराड़ा में बुधवार को अपने भांजे अभिषेक पुत्र रविंदर और भांजे के दोस्त रिक्की के साथ ऑल्टो कार में जा रहा था तभी उसे किडनैप कर लिया गया।

विवेक राणा

का फाइल फोटो।

चार साल से चल रहा खूनी खेल...

भुप्पी राणा व मोनू राणा ग्रुप के बीच पांच साल से वर्चस्व की लड़ाई को लेकर खूनी खेल चल रहा है। पिछले महीने 16 अप्रैल को मोनू राणा ग्रुप के भूपेश राणा का बरवाला में गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया था। आरोप भुप्पी राणा ग्रुप पर लगा है। भुप्पी राणा व मोनू राणा ग्रुप के बीच करीब चार साल से गैंगवार चल रही है। माेनू राणा ग्रुप के समर्थकों पर ही जीरकपुर के मुश्ताक का बराड़ा के नजदीक कत्ल करने का आरोप है जिसमें मुश्ताक का साथी मोहित भी जख्मी हो गया था।

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