वात्सल्य स्कूल में पढ़ने वाले 12 वर्षीय टांशु ने जीरकपुर में आयोजित ओपन ऑल इंडिया स्पीड रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। प्रतियोगिता में सबसे खास बात यह रही है कि स्पेशल चिल्ड्रन होने के बावजूद टांशु ने सामान्य खिलाड़ियों को हराकर यह पदक जीता। उसने यह पदक 300 व 500 मीटर स्केटिंग में पाया है। प्रतियोगिता के लिए हरियाणा से सिर्फ टांशु का चयन हुआ था। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड व अन्य राज्यों से खिलाड़ियों ने भाग लिया। दरअसल, कैंटोनमेंट बोर्ड की वात्सल्य स्कूल में पढ़ने वाला टांशु गरीब परिवार से संबंध रखता है। उसके पिता की 2012 में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद मां ने चाय की दुकान चलाकर खर्च उठाया। टांशु के कोच चंद्रहास शर्मा ने बताया कि 6 साल पहले उन्होंने कोचिंग देना शुरू किया था जिसके बाद टांशु ने कई ओपन चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर पदक हासिल किए। चंद्रहास ने बताया कि टांशु की स्केटिंग कला से प्रभावित होकर कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ वरुण कालिया ने स्कूल में ही स्केटिंग रिंग बना दी थी, जो 8 से 10 लाख रुपए में बनकर तैयार हुई थी।
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स्केटिंग शूज खरीदने के लिए नहीं थे पैसे : चंद्रहास शर्मा
टांशु को स्केटिंग का शौक तो था, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से स्केटिंग शूज खरीदने के लिए परिवार के पास रुपए नहीं थे। कोच ने बताया कि स्केटिंग शूज महंगे होने की वजह से टांशु जूते नहीं खरीद पा रहा था। क्योंकि इनकी कीमत 40 हजार रुपए थी, लेकिन स्कूल व लोगाें के सहयोग से उसे जूते दिलवाए।
टांशु जब गोल्ड मेडल लेकर आया तो सभी खुशी से झूम उठे।