श्री राघव योग विकास द्वारा कैंट के पंजाबी मोहल्ला स्थित वैदिक किंडरगार्डन में चलाई जा रही वर्कशॉप के दूसरे दिन संजीव शर्मा ने ॐ नाद से कार्यक्रम शुरू किया। साधकों का सूक्ष्म व्यायाम से शरीर के प्रत्येक अंग में ऊर्जा का संचार किया गया। नेत्री के जनक मनोज कुमार ने स्वयं द्वारा खोजी गई विशेष क्रियाओं का अभ्यास कराया। प्रणायाम मंे शंख धम, कपालभाती, मूर्छा प्रणायाम, घृणी क्रिया, साइक्लिंग मेडिसन, संगीत थेरेपी में जिन क्रियाओं को पहले किया जाता है। उनका विस्तार पूर्वक अभ्यास करवाया गया। आसनों में मुख्य रूप से त्रिकोण आसन, वृक्ष आसन, ताड़ आसन, गो मुख आसन, नाभि संचार, मंडूक आसन आदि का अभ्यास हुआ। कार्यक्रम के अंत में पंकज कुमार ने बताया की श्री राघव योग विकास केंद्र का मुख्य उद्देश्य बिना दवा के लोगों को स्वास्थ्य देना है। जब सभी लोग निरंतर योग करने लगे तो मानव का कल्याण होगा।