13994
कुल विद्यार्थी
परिणाम
6182
विद्यार्थी पास हुए
भास्कर न्यूज | अम्बाला
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। इस बार का जिले का पास प्रतिशत 44.18 प्रतिशत रहा। पिछले साल की तुलना में पास प्रतिशत 3.45 अिधक हो जाने के कारण अम्बाला जिला 17वें स्थान पर पहुंच गया है। नारायणगढ़ के गीता स्कूल की रिया धीमान ने 494 अंक प्राप्त कर हरियाणा में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अम्बाला जिला में 9वीं से 12वीं कक्षा तक करीब 1753 टीचर्स ही पढ़ा रहे हैं। कई स्कूलों में सब्जेक्ट के स्पेशल टीचर्स की कमी है तो कई स्कूलों में स्टाफ ज्यादा है और स्टूडेंट्स की संख्या कम। शिक्षा विभाग ने ज्यादा स्टाफ को कम स्कूलों में भेजने को लेकर भी प्रयास नहीं किए।
इस बार पास प्रतिशत बढ़ा 3.45%, जिला पहुंचा 17वें स्थान पर 9वीं से 12वीं क्लास तक सरकारी स्कूल झेल रहे टीचर्स की कमी
2881
लड़के पास हुए
3301
लड़कियां पास हुईं
कैंट के दिगम्बर जैन स्कूल में सेल्फी लेती छात्राएं
चुनिंदा स्कूलों में ही अफसर करते हैं विजिट
सेशन शुरू होने से लेकर अंत तक जिला में कई ऐसे स्कूल भी हैं जिनमें सरकारी अिधकारी किसी कार्यक्रम के अलावा स्पेशल विजिट तक नहीं करते। यह केवल चुनिंदा स्कूलों तक ही सीमित रह जाता है। जिन स्कूलों में अिधकारी विजिट करते भी हैं, वहां से सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य ही देखे जाते हैं।
4 सालों का पास प्रतिशत
40.57
30.55
2015
40.73
2016
44.18
2017
2018
नारायणगढ़ की रिया जिले की टॉपर, प्राची, महकदीप व अलका ने बढ़ाया मान
स्कूल में करवाए काम को रेगुलर करें तो मिलेगी सफलता : कैंट टेंडर हार्ट हाई स्कूल महेश नगर कक्षा दसवीं कक्षा स्कूल की छात्रा प्राची ने 500 में से 479 अंक 95.8 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल का नाम रोशन किया। छात्रा प्राची का कहना है कि टीचर्स द्वारा स्कूल में करवाए जाने वाले रेगुलर काम को घर जाकर जरुर करना चाहिए। उनकी सफलता में स्कूल प्रिंसिपल और उनके अभिभावकों का अहम योगदान रहा है। स्कूल टीचर्स ने छात्रा प्राची को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
प्राची
500
95.8%
479
टेंडर हार्ट हाई स्क्ूल महेश नगर
ऐसे कैसे सुधरेगा परिणाम? प्राइवेट स्कूलों से सीख लेने की जरूरत...
सरकारी स्कूलों में टीचर्स पर शिक्षा विभाग की ट्रेनिंग, कार्यक्रम और सरकार की चल रही योजनाओं का बोझ पड़ रहा है। पहले ही स्कूलों में टीचर्स की कमी है। उसके बाद जो टीचर्स बचे हैं, उनको विभाग ट्रेनिंग में ही बिजी रखता है। इससे टीचर्स विद्यार्थियों को ज्यादा समय नहीं दे पाते। यही नहीं जिन योजनाओं का टीचर्स से कोई लेना-देना नहीं होता। उन योजनाओं को भी सिरे चढ़ाने के लिए टीचर्स की ड्यूटी लगा दी जाती है। इससे सिलेब्स पूरा कवर नहीं हो पाता। विद्यार्थी हर साल रिजल्ट में पिछड़ जाते हैं, जबकि प्राइवेट स्कूलों में हर कार्य के लिए कर्मचारी नियुक्त किया जाता है। टीचर्स सिर्फ अपनी पढ़ाई का कार्य ही देखता है। इससे प्राइवेट में शिक्षा स्तर बढ़ रहा है।
आईएएस बनना है सपना: कैंट के जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की महकदीप ने 10वीं 500 में से 471, 94.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। महकदीप निवासी गांव नगला जट्टांन ने बताया कि उसके पिता जगदेव सिंह यूनाइटेड ट्रेडस में सिलेंडर सप्लाई का काम करते हैं। उसकी मां राजिंद्र कौर पोस्ट ऑफिस सदर बाजार में एमटीएस हैं। उसने सेल्फ स्टडी की बदौलत यह मुकाम हासिल किया है। वह आईएएस बनना चाहती है। अपनी कामयाबी का श्रेय टीचर्स, प्रिंसिपल व माता-पिता को दिया।
महकदीप
500
94.2%
471
जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी
इंजीनियर बनना है सपना: जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा अलका ने भी 500 में से 466 अंक प्राप्त किए। 93 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली अलका के पिता पवन शर्मा कोरियर मैन हैं। मां नीतू हाउस वाइफ हैं। अलका निवासी बीडी फ्लोर मिल ने बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहती है। पिता भी चाहते हैं कि उनकी बेटी इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन करे। उसने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल टीचर्स और अपने अभिभावकों को दिया। इसी स्कूल की छात्रा प्रियंका ने 92.6 अंक प्राप्त किए।
अलका
500
93.0%
466
जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी