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3 साल में पति ने एक औरत के लिए बदली तीन बार स्टेटमेंट

3 वर्ष पहले
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पति के साथ रह रही जिस औरत को लेकर शादीशुदा अमनदीप कौर गैरकानूनी तरीके से रहने की बात कहकर पुलिस की चौखटें रगड़ती रही, आखिर वही पुलिस पीड़िता को इंसाफ न दिला सकी।

यही नहीं, पुलिस 3 साल से पति और उस औरत के बीच के रिश्तों का भी पता नहीं लगा पाई, जिसमें पति उस औरत को कभी बहन तो कभी केयरटेकर बताकर पुलिस को गुमराह करता रहा। खास बात यह है कि प|ी से तलाक होते ही उसने उसी औरत को बीवी के रूप में स्वीकार कर लिया। ऐसे में जब पीड़िता ने तमाम साक्ष्यों के साथ हाईकोर्ट में अपील दायर की तो हाईकोर्ट ने तुरंत तलाक पर स्टे जारी कर दिया। साथ ही पति को 20 हजार भी जमा करवाने के आदेश दिए।

8 साल से अमनदीप कौर पति अमृतपाल सिंह के खिलाफ लड़ रही लड़ाई, कोर्ट ने पति को दिए 20 हजार जमा करवाने के आदेश

वर्ष 2003 में हुई शादी

2011 में हुए अलग

पीड़िता का कहना है कि उसकी शादी वर्ष 2003 में अमृतपाल सिंह निवासी तरनतारण के साथ हुई। जून 2004 को वह परिवार सहित अम्बाला में आ गई। उसे अमृतपाल से दो बेटे हुए। इस बीच उसे पति के रचना नाम की औरत के साथ संबंधों की बात पता चली। अनबन हुई तो वर्ष 2011 में पति ने उसे घर से निकाल दिया। यही नहीं, बच्चों को भी उससे नहीं मिलने दिया।

मैंने पुलिस को सच बताया, पर पुलिस ने नहीं माना : वर्ष 2011 में पति ने उसके खिलाफ कोर्ट में तलाक का केस डाल दिया था। तब उसने कोर्ट को बताया कि उसके पति का एक औरत के साथ चक्कर है, लेकिन साक्ष्य न होने के कारण कोर्ट ने नहीं माना। तब मैंने एसपी अम्बाला को वर्ष 2016 में शिकायत सौंपी। साथ ही बताया कि उसके पति रचना नाम की औरत के साथ रह रहा है।

बयानों में रचना ने बहन, केयरटेकर से बीवी तक तय किया सफर

वर्ष 2016 में अमृतपाल सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वर्ष 2011 से उसका प|ी के साथ कोर्ट केस चल रहा है। मेरी माता काफी बीमार रहती है, जो माता ने अपनी व बच्चों की देखभाल के लिए हमारी दूर की रिश्तेदारी में जो मेरी बहन लगती है, जिसका नाम रचना निवासी अमृतसर है, उसे रखा हुआ है। यही नहीं, रचना ने भी अपने बयान में बुआ और भाई अमृतपाल के पास रहने की बात कही थी।

जब दोबारा वर्ष 2017 में बयान हुए तो अमृतपाल ने कहा कि उसका बीवी के साथ कोर्ट केस चल रहा है। बीवी से मार्च 2017 को तलाक हो गया था। रचना नाम की औरत को उन्होंने घर में मां और बच्चों की देखभाल के लिए रखा हुआ है और अमनदीप कौर उनके खिलाफ झूठी शिकायतें देती है।

लगातार पुलिस को गुमराह कर रहे अमृतपाल सिंह के खिलाफ वर्ष 2018 में अमनदीप कौर ने दोबारा शिकायत की। इस पर महिला पुलिस ने जांच की। बयान में अमृतपाल ने लिखवाया कि उसका प|ी से तलाक हो गया है और कुछ माह पहले तलाक होने के बाद उसने रचना के साथ सिख धर्म के अनुसार शादी की।

पुलिस साथ देती तो न होता ये सब

अमनदीप कौर का कहना है कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी को अमृतपाल और रचना की असलियत बताई थी, लेकिन किसी ने विश्वास नहीं किया। यही कारण था कि अमृतपाल कभी रचना को अपनी बहन बताता तो कभी केयरटेकर और अंत में उसने तलाक मिलते ही उसे शादी करके अपनी बीवी बना लिया।

वर्ष 2016 में अमृतपाल सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वर्ष 2011 से उसका प|ी के साथ कोर्ट केस चल रहा है। मेरी माता काफी बीमार रहती है, जो माता ने अपनी व बच्चों की देखभाल के लिए हमारी दूर की रिश्तेदारी में जो मेरी बहन लगती है, जिसका नाम रचना निवासी अमृतसर है, उसे रखा हुआ है। यही नहीं, रचना ने भी अपने बयान में बुआ और भाई अमृतपाल के पास रहने की बात कही थी।

जब दोबारा वर्ष 2017 में बयान हुए तो अमृतपाल ने कहा कि उसका बीवी के साथ कोर्ट केस चल रहा है। बीवी से मार्च 2017 को तलाक हो गया था। रचना नाम की औरत को उन्होंने घर में मां और बच्चों की देखभाल के लिए रखा हुआ है और अमनदीप कौर उनके खिलाफ झूठी शिकायतें देती है।

लगातार पुलिस को गुमराह कर रहे अमृतपाल सिंह के खिलाफ वर्ष 2018 में अमनदीप कौर ने दोबारा शिकायत की। इस पर महिला पुलिस ने जांच की। बयान में अमृतपाल ने लिखवाया कि उसका प|ी से तलाक हो गया है और कुछ माह पहले तलाक होने के बाद उसने रचना के साथ सिख धर्म के अनुसार शादी की।

निचली कोर्ट ने दे दिया था तलाक

मार्च माह में अमृतसर की निचली कोर्ट ने अमृतपाल सिंह को तलाक दे दिया था। इस पर पीड़िता ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर करते हुए तलाक पर स्टे लगा दिया। दिनेश कुमार, एडवोकेट पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।

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