- Hindi News
- National
- डकैती से पहले की थी रेकी, वारदात के बाद दो बाइक से बलरामपुर होते हुए भाग गए थे
डकैती से पहले की थी रेकी, वारदात के बाद दो बाइक से बलरामपुर होते हुए भाग गए थे
मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी के आफिस में सवा साल पहले हुई डकैती के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस के सामने कई राज खोले हैं। डकैती से कुछ दिन पहले गिरोह के दो सदस्यों ने अंबिकापुर आकर पूरे इलाके की रेकी की थी। इसके बाद पूरी प्लानिंग तैयार कर धनबाद से दो बाइक में पांचों डकैत घटना के दिन सुबह ही अंबिकापुर पहुंच गए थे। वारदात करने के बाद बाइक में ही राजपुर, बलरामपुर होते हुए गढ़वा भाग गए थे। गढ़वा में आरोपियों ने लूटे गए सोने का बंटवारा किया था। आरोपियों ने आफिस से 12 किलो सोना लूटा था। गिरफ्तार आरोपी के अनुसार उसके हिस्से सिर्फ डेढ़ किलो सोना आया था।
गिरफ्तार आरोपी संपूर्णानंद पांडेय उर्फ सुशील(42 वर्ष) ही सरगना है। वहीं आरोपी अपने आप को गिरोह का सदस्य बता रहा है। वैसे अब अन्य सदस्यों के पकड़े जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस अब बेचे गए सोने की बरामदगी की तैयारी कर रही है। वारदात में शामिल सभी आरोपियों के नाम सामने आ गए हैं। अन्य चार आरोपियों में सुरेश करमकार, संजय गुप्ता, भूइया, अजय चेरो शामिल हैं। सभी झारखंड के धनबाद व कोडरमा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। संपूर्णानंद ने अन्य सदस्यों के साथ वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस डकैती के साेने को बरामद करने के लिए एक दो दिनों में यहां से निकल सकती है। मामले में लोकल एजेंट के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है लेकिन अभी पता नहीं चला है।
संपूर्णानंद पांडेय
आरोपी 18 साल से ज्यादा जेल में रह चुका: संपूर्णानंद शातिर बदमाश है। वर्ष 1992 से वह लूट डकैती, कर रहा है। पूर्व के मामले में वह कई बार जेल जा चुका है। जेल से जमानत पर छूटने के बाद वह फिर कहीं न कहीं वारदात करता है। वह अभी तक 18 साल तक जेल में बंद रह चुका है। अभी उसे किसी भी मामले में सजा नहीं हुई है।
जेल में तीन साथियों की आपस में हुई थी पहचान
डकैती के मामले में संपूर्णानंद कुछ साल पहले धनबाद की जेल में बंद था। इसी जेल में संजय व सुरेश भी दूसरे मामले में बंद थे। इसी दौरान दोनों की संपूर्णानंद की पहचान हुई और उन्होंने अपना एक संगठित गिरोह बना लिया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कई जगह एक साथ लूट डकैती की।
कट्टे की नोंक पर दिनदहाड़े लूटा था करोड़ों का सोना: ब्रह्म रोड स्थित मणप्पुरम गोल्ड कंपनी के आफिस में 4 जनवरी 2017को दोपहर में हथियारबंद बदमाशों ने कट्टे की नोंक पर डकैती की थी। डकैत आफिस में मौजूद कर्मचारियों व ग्राहकों को बंधक बनाने के बाद चेस्ट से सोना लूटकर फरार हो गए थे। जाने से पहले उन्होंने से सभी को एक कमरे में बंद कर दिया था। इनमें से एक आरोपी संपूर्णानंद को पश्चिम बंगाल की रानीगंज पुलिस ने डकैती के मामले में गिरफ्तार किया था। कोतवाली पुलिस संपूर्णानंद को बंगाल से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर यहां आई है। पुलिस रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है।
भास्कर संवाददाता|अंबिकापुर
मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी के आफिस में सवा साल पहले हुई डकैती के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस के सामने कई राज खोले हैं। डकैती से कुछ दिन पहले गिरोह के दो सदस्यों ने अंबिकापुर आकर पूरे इलाके की रेकी की थी। इसके बाद पूरी प्लानिंग तैयार कर धनबाद से दो बाइक में पांचों डकैत घटना के दिन सुबह ही अंबिकापुर पहुंच गए थे। वारदात करने के बाद बाइक में ही राजपुर, बलरामपुर होते हुए गढ़वा भाग गए थे। गढ़वा में आरोपियों ने लूटे गए सोने का बंटवारा किया था। आरोपियों ने आफिस से 12 किलो सोना लूटा था। गिरफ्तार आरोपी के अनुसार उसके हिस्से सिर्फ डेढ़ किलो सोना आया था।
गिरफ्तार आरोपी संपूर्णानंद पांडेय उर्फ सुशील(42 वर्ष) ही सरगना है। वहीं आरोपी अपने आप को गिरोह का सदस्य बता रहा है। वैसे अब अन्य सदस्यों के पकड़े जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस अब बेचे गए सोने की बरामदगी की तैयारी कर रही है। वारदात में शामिल सभी आरोपियों के नाम सामने आ गए हैं। अन्य चार आरोपियों में सुरेश करमकार, संजय गुप्ता, भूइया, अजय चेरो शामिल हैं। सभी झारखंड के धनबाद व कोडरमा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। संपूर्णानंद ने अन्य सदस्यों के साथ वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस डकैती के साेने को बरामद करने के लिए एक दो दिनों में यहां से निकल सकती है। मामले में लोकल एजेंट के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है लेकिन अभी पता नहीं चला है।
आरोपी बलरामपुर पुलिस के सामने से निकले थे
मणप्पुरम में वारदात के बाद पांचों डकैत दो बाइक में संजय पार्क, राजपुर होते हुए रामानुंजगंज रोड में निकल गए थे। इस दौरान बलरामपुर में नाकेबंदी देख पहले ही तीनों डकैत बैग व अन्य सामान लेकर उतर गए। तीनों पैदल आगे निकल गए। पीछे से दोनों साथी बाइक में पहुंचे और पुलिस को पता नहीं चला।