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जिले की बदली सीमाएं, अंबिकापुर रेलवे स्टेशन व कृषि महाविद्यालय सरगुजा में

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | अंबिकापुर

लंबे इंतजार के बाद जिले की सीमाएं बदल गई हैं और शहर से लगे होने के बावजूद अब तक सूरजपुर जिले में शामिल ग्राम पंचायत अजिरमा और इसके आश्रित गांव भगवानपुर खुर्द, बिशुनपुर और ठाकुरपुर अब सरगुजा जिले में शामिल कर लिए गए हैं।

इस बदलाव से अंबिकापुर रेलवे स्टेशन व कृषि महाविद्यालय वकृषि विज्ञान केंद्र अब सरगुजा में शामिल हो गए हैें। उधर लखनपुर तहसील के ग्राम पंचायत गेरता को सूरजपुर जिले में शामिल किया गया है। जिले के बंटवारे के बाद से इसकी मांग चल रही थी। जिले की सीमाओं में हुआ फेरबदल राज्य सरकार के गजट में प्रकाशित हो गया है। 2011 में एकीकृत सरगुजा का बंटवारा हुए था और 2012 में सूरजपुर और बलरामपुर जिले अस्तित्व में आए थे। सूरजपुर रोड में सरगुजा जिले की सीमा पांच किलो मीटर में खत्म हो जाती थी। रेलवे स्टेशन, कृषि महाविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान इससे सूरजपुर जिले मंे शामिल हो गए थे।

लखनपुर का ग्राम गेतरा सूरजपुर तहसील में शामिल

अंबिकापुर जिला मुख्यालय की सीमा से लगे सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत अजिरमा को इसके साथ ही सरगुजा में शामिल किया है। अजिरमा के साथ इसके आश्रित गांव भगवानपुरखुर्द, बिशुनपुर व ठाकुरपुर भी अंबिकापुर तहसील के राजस्व निरीक्षक मंडल अंबिकापुर-2 की सीमाओं में शामिल हो गए हैं। अजिरमा के सरगुजा जिले में शामिल होने से सरगुजावासियों की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी हो गई है। लखनपुर के ग्राम पंचायत गेतरा को सूरजपुर जिला अंतर्गत सूरजपुर तहसील में शामिल किया गया है।

5 साल लटका था मामला

जिले के बंटवारे के बाद से इसे लेकर विरोध और मांग उठी। जिले की सीमाओं के पुर्ननिर्धारण के लिए आयोग ने जन सुनवाई के बाद राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी थी लेकिन पांच सालों तक मामला लटका रहा। हाल ही में मुख्यमंत्री ने जिले के सीमाओं में फेरबदल कर लिए जाने की घोषणा की थी और अब गजट में भी यह प्रकाशित हो गया है।

अब तक ये सूरजपुर जिले में थे, जिले के बंटवारे के बाद से हो रही थी मांग

अंबिकापुर रेलवे स्टेशन जो अब सरगुजा जिले में हो गया शामिल

राजनीतिक मायने भी, नहीं मिलेगा विरोध का मुद्दा

अजिरमा और इसके आश्रित गांवों के सरगुजा में शामिल होने के बाद राजनीतिक परिस्थितियां भी बदलेंगी। ये इलाके भटगांव विधानसभा में आते हैं और विधानसभा में यहां के लोगों की भटगांव में दावेदारी का बाहरी बताकर विरोध किया जाता था।

सीमाओं में फेरबदल से लोगों को होगी सुविधा

जिले की सीमाओं के फेरदबल को लेकर कलेक्टर किरण कौशल यहां पदस्थापना के बाद से ही प्रयास कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सीमाओं में फेरदबल होने से अंबिकापुर का बड़ा हो गया। इस इलाके के लोगों को सुविधा होगी। रेलवे स्टेशन, सेंट्रल स्कूल अंबिकापुर में आ जाएंगे।

आठ मई को राजपत्र में किया गया प्रकाशित

जिले की सीमाओं में फेरबदल किए जाने संबंधी सूचना राज्य सरकार के गजट में प्रकाशित कर दी गई है। संयुक्त सचिव पी निहलानी के हस्ताक्षर से 8 मई को इस संबंध में सूचना प्रकाशित की गई है। जिला प्रशासन को इसकी सूचना भेज दी गई है। जारी सूची में उन गांवों की जानकारी दी गई हैं जो फेरबदल में प्रभावित हुए हैं।

अब जिला मुख्यालय की दूरी 40 किमी होगी कम

सूरजपुर मुख्य मार्ग से लगी ग्राम पंचायत अजिरमा के सरगुजा में शामिल किए जाने से इस इलाके के लोगों के लिए जिला मुख्यालय की दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। ये इलाके अंबिकापुर शहर से लगे हुए हैं जिले के बंटवारे के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। अंबिकापुर शहर से ये इलाके छह से सात किलोमीटर दूर हैं। लोगों को सीमाएं बदलने से सुविधा होगी।

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