शहर में पीएम आवास योजना के तहत एक साथ सात सौ मकानों का काम शुरू हो गया है और बरसात से पहले सभी मकान तैयार करने का टारगेट दिया गया है। लोगों को निर्माण खुद करना है।
निगम में योजना की निगरानी में लगाए गई टीम को घर-घर जाकर लोगों को मोटिवेट करने के लिए लगाया गया है ताकि बरसात से पहले निर्माण पूरे हो जाएं। योजना के तहत 14 सौ से अधिक मकान स्वीकृत हुए हैं और 48 मकान तैयार कर लिए गए हैं। शेष मकान भी शुरू होने की स्थिति में है। जिन मकानों का काम चल रहा है उन्हें पूरा कराना इसलिए बड़ी चुनौती है क्योंकि ज्यादतार पुराने निर्माण तोड़कर मकान बन रहे हैं और लोग किराए के मकान लेकर या फिर तिरपाल लगाकर रह रहे हैं। गर्मी तेज होने के बाद निर्माण में समय लग रहा है। बड़ी दिक्कत यह है कि शादी के सीजन के कारण मजदूर और मिस्त्री नहीं मिल रहे हैं। नगर निगम में इस योजना के नोडल अधिकारी प्रमोद दुबे के नेतृत्व में टीम इसमें जुटी हुई है। अधिकारी िनर्माण कार्यों की रोज समीक्षा कर रहे हैं और जहां दिक्कत आ रही है वहां टीम भेजकर दूर कराया जा रहा है। यही कारण है कि हफ्ते भर में अधूरे 30 मकान तैयार कर लिए। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में अंबिकापुर पहला निगम है जहां योजना के तहत एक साथ इतने मकानों का कम चल रहा है।
मोर जमीन मोर आवास योजना के तहत 14 सौ से अधिक मकानों के लिए मंजूरी, 7 सौ मकानों का एक साथ काम शुरू
डेढ़ अरब से अधिक की स्वीकृति, चार किश्तों में जारी होनी है राशि
मोर जमीन मोर आवास योजना के तहत 1434 मकानों के लिए स्वीकृति मिली है जिस पर 43 करोड़ रूपए खर्च होने हैं। चार किश्तों में हितग्राहियों को राशि दी जानी है। इधर भूमिहीन लाेगों के लिए 2146 जिन मकानों के लिए स्वीकृति मिली है, ये सौ करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट है। बिलासपुर रोड में सेनेटरी पार्क के पास योजना के तहत एक ही जगह पर 12 सौ मकान बनने हैं। महामाया पहाड़ के अलावा, तालाबों के किनारे व नजूल जमीन में काबिज लोगों को यहां पहले मकान दिए जाने हैं।
लोगों को मोटिवेट कर रहे हैं कि ताकि जल्द से जल्द काम पूरा करें:नगर निगम आयुक्त सूर्य किरण तिवारी ने इस संबंध में बताया कि मोर जमीन मोर आवास योजना के लिए जो स्वीकृति मिली ऐसे सभी मकान लोगों को खुद बनाने हैं। निगम की ओर से लोगों को लगातार मोटिवेट किया जा रहा है कि जल्द से जल्द काम पूरा कराएं। लोगों का कहना है कि शादी के सीजन के कारण मिस्त्री और मजदूर नहीं मिल रहे हैं इसलिए थोड़ी दिक्कत आ रही है। कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द काम पूरा हो जाए।
4 हजार मकान इसी साल तैयार करने का टारगेट
नगर निगम के इस साल के बजट में सबसे बड़ा प्रोेजेक्ट आवास योजना का ही है। बजट में करीब चार हजार मकान इसी साल तैयार करने का लक्ष्य है लेकिन जो स्थिति है उससे नहीं लगता कि आधे मकान भी तैयार हो पाएंगे। भूमिहीन लोगों के मकान के लिए अभी फंड नहीं मिला है। एक दो महीने में फंड मिल भी जाता है तो बरसात में काम में दिक्कत आएगी।
पुराने तोड़ शुरू कर रहे काम इसलिए देरी
मोर जमीन मोर आवास योजना के तहत जिन मकानों के लिए स्वीकृति मिली है ये सभी पुराने व कच्चे मकानों को तोड़कर बनाए जाने हैं। लोगों को खुद से निर्माण तुड़वाना है क्योंकि वहां मशीन नहीं जा पाएगी। कुछ जगहों पर मशीन चली भी जाती है तो वहां तोड़फोड़ में दिक्कत होगी क्योंकि आसपास मकान हैं।