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आरटीई में प्रवेश के लिए 5 दिन बचे, सिर्फ 12 सौ आवेदन आए

3 वर्ष पहले
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सरगुजा जिले में प्राइवेट स्कूलों में आरटीई (राइड टू एजुकेशन) के तहत गरीब परिवार के बच्चों को एडमिशन दिलाने का टारगेट शायद ही पूरा हो पाए। पहले पोर्टल के कारण आनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया में देरी हुई और अब जब एडमिशन शुरू हुआ तो उतने उम्मीदवारों के आवेदन ही नहीं आ रहे जिससे कि टारगेट आसानी से पूरा हो सके। इस साल शिक्षा विभाग द्वारा नर्सरी से पहली कक्षा में 17 सौ पात्र छात्रों को आरटीई में एडमिशन दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। आनलाइन आवेदन के लिए अब सिर्फ पांच दिन ही बचे हैं लेकिन अभी तक लगभग12 सौ उम्मीदवारों के ही आवेदन आए हैं। यदि यही हाल रहा तो पिछले साल के बराबर भी एडमिशन नहीं हो पाएंगे।

शिक्षा विभाग द्वारा जिले में एडमिशन के लिए पहले 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक आवेदन के लिए डेट तय किया गया था। इस साल प्रदेश स्तर पर बनाए गए एडु पोर्टल पर आनलाइन एडमिशन हो रहा है। शुरू में पोर्टल पर फार्म ही अपलोड नहीं हुआ। इसके पीछे यह वजह बताई गई कि कुछ जिलों में इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इससे पोर्टल पर फार्म लोड नहीं किया गया। सब कुछ होने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा 5 मई से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। कई अभिभावक देरी की वजह से अपने बच्चों का दूसरे स्कूलों में एडमिशन दिला करा चुके हैं। यही वजह से टारगेट के बराबर भी एडमिशन के लिए अभी तक उम्मीदवार नहीं आए हैं जबकि एडमिशन के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 मई तक ही है।

आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन का टारगेट 17 सौ लेकिन अभी तक पिछले साल के बराबर भी नहीं मिले उम्मीदवार

स्क्रूटनी की प्रक्रिया बाकी, जांच में उम्मीदवार अप्रात्र हुए तो टारगेट हासिल करना मुश्किल

1590 उम्मीदवारों का पिछले साल हुआ था एडमिशन

पिछले साल शहर सहित जिले के 174 प्राइवेट स्कूलों में 1590 एडमिशन हुआ था जबकि टारगेट 1665 का था। इस साल 176 स्कूलों में 17 सौ एडमिशन का टारगेट है। 16-17 में सिर्फ 725 उम्मीदवारों का एडमिशन हो पाया था। इस साल ज्यादा एडमिशन दिलाने 45 नोडल बनाए हैं पर स्थिति उतनी अच्छी नहीं है।

भास्कर संवाददाता|अंबिकापुर

सरगुजा जिले में प्राइवेट स्कूलों में आरटीई (राइड टू एजुकेशन) के तहत गरीब परिवार के बच्चों को एडमिशन दिलाने का टारगेट शायद ही पूरा हो पाए। पहले पोर्टल के कारण आनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया में देरी हुई और अब जब एडमिशन शुरू हुआ तो उतने उम्मीदवारों के आवेदन ही नहीं आ रहे जिससे कि टारगेट आसानी से पूरा हो सके। इस साल शिक्षा विभाग द्वारा नर्सरी से पहली कक्षा में 17 सौ पात्र छात्रों को आरटीई में एडमिशन दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। आनलाइन आवेदन के लिए अब सिर्फ पांच दिन ही बचे हैं लेकिन अभी तक लगभग12 सौ उम्मीदवारों के ही आवेदन आए हैं। यदि यही हाल रहा तो पिछले साल के बराबर भी एडमिशन नहीं हो पाएंगे।

शिक्षा विभाग द्वारा जिले में एडमिशन के लिए पहले 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक आवेदन के लिए डेट तय किया गया था। इस साल प्रदेश स्तर पर बनाए गए एडु पोर्टल पर आनलाइन एडमिशन हो रहा है। शुरू में पोर्टल पर फार्म ही अपलोड नहीं हुआ। इसके पीछे यह वजह बताई गई कि कुछ जिलों में इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इससे पोर्टल पर फार्म लोड नहीं किया गया। सब कुछ होने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा 5 मई से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। कई अभिभावक देरी की वजह से अपने बच्चों का दूसरे स्कूलों में एडमिशन दिला करा चुके हैं। यही वजह से टारगेट के बराबर भी एडमिशन के लिए अभी तक उम्मीदवार नहीं आए हैं जबकि एडमिशन के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 मई तक ही है।

अभी समय है और लक्ष्य पूरा करने कर रहे प्रयास

अभी पांच दिन हमारे पास हैं। अभी आवेदन भी आ रहे हैं। लोगों को भी जागरुक किया गया है। इससे लक्ष्य पूरा होने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। पात्र उम्मीदवार आरटीई से वंचित न रह जाएं, यह हमारी कोशिश है। -संजय गुप्ता, डीईओ, सरगुजा

स्क्रूटनी में और कम हो जाते हैं उम्मीदवार

आरटीई के तहत एडमिशन के लिए कड़े नियम बनाए है ताकि गड़बड़ी न हो। इसमें गरीबी रेखा के उम्मीदवारों को प्रहले प्राथमिकता के आधार पर प्राइवेट स्कूल में आरटीई के तहत एडमिशन दिलाना है। यदि कोई उम्मीदवार अपने नजदीक के स्कूल के बदले दूसरे स्कूल में एडमिशन लेना चाहेगा तो उसे एडमिशन नहीं मिलेगा। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य कई डाक्यूमेंट जमा करने होते हैं। इसमें 10 से 15 प्रतिशत उम्मीदवार स्क्रूटनी में बाहर हो जाते हैं।

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