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24 घंटे में 60 से ज्यादा मरीजों को डिस्चार्ज किया, कई सामान्य अॉपरेशन टाल दिए

3 वर्ष पहले
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जीवनदीप व एनआरएचएम में पदस्थ है 28 नर्स इनसे किसी तरह चल रहा काम

पहले दिन व्यवस्था संभली लंबा खींचने पर होगी दिक्कत

भास्कर संवाददाता|अंबिकापुर

सरकारी अस्पतालों में पदस्थ नर्सों की शुक्रवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले दिन ही संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में व्यवस्था गड़बड़ा गई। हालांकि प्रबंधन ने विभिन्न नर्सिंंग कॉलेजों की छात्र-छात्राओं की ड्यूटी लगाई है पर पूरी तरह से ट्रेंड नहीं होने से कई दिक्कतें हुईं। डाॅक्टरों ने कई सामान्य आॅपरेशन टाल दिए। गाइनिक विभाग में कई गर्भवती महिलाओें का ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ के नहीं होने से आॅपरेशन नहीं हो पाया और इन्हें यहां से बाहर प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ा। दबाव कम करने डाक्टरों ने 60 से ज्यादा मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया। डाक्टरों का कहना है कि मरीज पूरी तरह ठीक हो गए थे और इन्हें यहां रखने की अब जरूरत नहीं थी।

अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश से पहले दिन अस्पताल में भर्ती मरीजोें के साथ ज्यादा परेशानी तो नजर नहीं आई। व्यवस्था प्रभावित न हो इसलिए डाॅक्टर भी गंभीर मरीज को यहां भर्ती करने से पहले नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जाने की जानकारी दे रहे हैं। इससे परिजन यहां से मरीज को लेकर चले जा रहे हैं।

अस्पताल में नर्सिंग कॉलेज के छात्रों की लगाई ड्यूटी

शिशु वार्ड में भर्ती एक बालक को इंजेक्शन लगाती नर्सिंग की छात्रा।

मरीज ठीक हो गए, रखने की जरूरत नहीं: डॉक्टर

हड़ताल के कारण वार्ड में दबाव कम करने के लिए पहले से भर्ती मरीजों को डाक्टर डिस्चार्ज भी करने लगे हैं। डाक्टरों का कहना है कि जो मरीज जाने लायक हैं उन्हें ही को डिस्चार्ज किया जा रहा है। चौबीस घंटे में अस्पताल के विभिन्न वार्ड से 60 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं। इनमें सर्जिकल वार्ड के मरीज सबसे ज्यादा है। इससे सर्जिकल वार्ड में सन्नाटा पसरा था।

हड़ताल ज्यादा लंबी चली तो परेशानी तय: अस्पताल प्रबंधन द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत संविदा व जीवनदीप समिति से नियुक्त ट्रेंड स्टाफ से एसएनसीयू, आईसीयू व शिशुरोग व लेबर वार्ड में काम चलाया जा रहा है। यदि हड़ताल ज्यादा लंबी खिंची तो परेशानी तय है।

हड़ताल पर जाने वाली नर्सें प्रदर्शन करने रायपुर रवाना

सरकारी अस्पताल में पदस्थ नर्सें राजस्थान व अन्य प्रदेशों की तरह छत्तीसगढ़ में वेतनमान देने की मांग कर रही है। इसको लेकर वे चरणबद्ध आंदोलन कर रही थी लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। इससे शुक्रवार को वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चली गई हैं। हड़ताल पर गई मेडिकल कॉलेज की नर्सें प्रदर्शन करने रायपुर चली गई हैं। यहां 63 नर्सें पदस्थ है।

गर्भवतियों को लौटाया

खून की कमी से कमजोर गर्भवती महिला को दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा

दरिमा थाना अंतर्गत ग्राम बरगवां निवासी मूरन देवी 22 वर्ष प्रसव के लिए परिजनों ने गुरुवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। खून कम होने से वह कमजोर थी। डाक्टरों के अनुसार उसका प्रसव ट्रेंड स्टाफ से ही संभव था। ब्लड चढ़ाकर सिजेरियन से उसका प्रसव कराया जा सकता था पर इसमें काफी देखरेख की जरुरत थी। यह ट्रेंड स्टाफ ही कर सकता था। इससे यहां उसका आपरेशन नहीं हो पाया और परिजन उसे लेकर दूसरे अस्पताल में चले गए।

केस-1

नर्सों के हड़ताल पर जाने का पता चला तो बाहर लेकर चले गए परिजन

दूसरा मामला भी गाइनिक विभाग का ही है। शुक्रवार की सुबह अंबिकापुर निवासी रोशन पति इम्तियाज 26 वर्ष को परिजन प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले आए थे। उसे पेट में दर्द हो रहा था। यहां डाक्टरों ने उसका चेकअप किया और यहां नर्सों की हड़ताल से बनी की स्थिति के बारे में परिजनों को जानकारी दी। महिला का भी आपरेशन से ही प्रसव संभव था। इससे परिजन उसे यहां से लेकर दूसरे अस्पताल में चले गए।

केस-2

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