सूरजपुर जिले के केरता इलाके में शुक्रवार सुबह मेहमानी में आए एक युवक पर हाथी ने हमला कर दिया। जंगल किनारे हाथी फसल खाने के लिए पहंुचा था। हमले में युवक के दोनों पैरोंे में गंभीर चोटें आई, इसके बावजूद वह हाथी की पकड़ से बचकर किसी तरह निकल भागा। उसे मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्राम लोलकी निवासी 21 वर्षीय राजेन्द्र प्रसाद चेरवा रिश्तेदारी में मेहमानी करने ग्राम केरता निवासी रामप्रसाद पनिका के घर आया था। सुबह करीब छह बजे राजेंद्र प्रसाद गांव से कुछ दूर गोहगड़ नाले के पास गया था। वहां से लौटते वक्त दल से अलग होकर घूम रहे मकना हाथी (बगैर दांत वाला) ने उस पर हमला कर दिया। हाथी ने सूंड़ से उसके दोनों पैरों को पकड़ पर पटक दिया। उससे उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई। घायल होने के बावजूद राजेंद्र किसी तरह हाथी की पकड़ से बच निकला। शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण पहंंुचे तो हाथी भी वहां से जंगल की ओर चला गया। ग्रामीण घायल युवक को उठाकर केरता लाए। उसे अंबिकापुर मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीसीएफ वाइल्ड लाइफ केके बिसेन एवं एसडीओ फारेस्ट प्रतापपुर प्रभाकर खलखो ने अस्पताल पहुंुच घायल युवक की हालत के बारे में जानकारी ली। उसे पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि भी दी गई।
घायल का मेडिकल काॅलेज अस्पताल में चल रहा इलाज
28 हाथियों का दल इलाके में मचा रहा है उत्पात: मोहनपुर एवं उसके आसपास के इलाके में 28 हाथियों का दल उत्पात मचा रहा है। इसी दल से तीन दंतैल एवं एक मकना हाथी अलग होकर घूम रहे हैं। मकना हाथी गुरुवार को भरदा में था। वहां से गोंदा होते हुए केरता की ओर पहंुच गया। इलाके में गन्ने की फसल होने से हाथी यहां लंबे समय से टिके हुए हैं। वन विभाग की टीम हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखे हुए है।
भास्कर संवाददाता|अंबिकापुर
सूरजपुर जिले के केरता इलाके में शुक्रवार सुबह मेहमानी में आए एक युवक पर हाथी ने हमला कर दिया। जंगल किनारे हाथी फसल खाने के लिए पहंुचा था। हमले में युवक के दोनों पैरोंे में गंभीर चोटें आई, इसके बावजूद वह हाथी की पकड़ से बचकर किसी तरह निकल भागा। उसे मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्राम लोलकी निवासी 21 वर्षीय राजेन्द्र प्रसाद चेरवा रिश्तेदारी में मेहमानी करने ग्राम केरता निवासी रामप्रसाद पनिका के घर आया था। सुबह करीब छह बजे राजेंद्र प्रसाद गांव से कुछ दूर गोहगड़ नाले के पास गया था। वहां से लौटते वक्त दल से अलग होकर घूम रहे मकना हाथी (बगैर दांत वाला) ने उस पर हमला कर दिया। हाथी ने सूंड़ से उसके दोनों पैरों को पकड़ पर पटक दिया। उससे उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई। घायल होने के बावजूद राजेंद्र किसी तरह हाथी की पकड़ से बच निकला। शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण पहंंुचे तो हाथी भी वहां से जंगल की ओर चला गया। ग्रामीण घायल युवक को उठाकर केरता लाए। उसे अंबिकापुर मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीसीएफ वाइल्ड लाइफ केके बिसेन एवं एसडीओ फारेस्ट प्रतापपुर प्रभाकर खलखो ने अस्पताल पहुंुच घायल युवक की हालत के बारे में जानकारी ली। उसे पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि भी दी गई।